दिल्ली के उत्तम नगर हत्याकांड में NHRC का ऐक्शन, पुलिस कमिश्नर और DM को नोटिस; क्या निर्देश
होली के मौके पर दिल्ली के उत्तम नगर में हुई युवक की हत्या के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ऐक्शन लिया है। आयोग ने पश्चिम दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

होली के मौके पर दिल्ली के उत्तम नगर में हुई युवक की हत्या के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ऐक्शन लिया है। आयोग ने पश्चिम दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को घटना की पूरी और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश भी दिया है।
उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में होली के दौरान पड़ोसियों के दो गुटों के बीच हुई झड़प में तरुण की मौत के सिलसिले में पुलिस ने दो नाबालिगों को पकड़ा है और 14 वयस्कों को गिरफ्तार किया है। एनएचआरसी ने 10 मार्च को अपनी कार्यवाही में कहा कि शिकायत मिलने के बाद उसने इस मामले का संज्ञान लिया है।
पानी की छींटे पड़ने से शुरू हुआ झगड़ा
शिकायतकर्ता प्रकाश ने आरोप लगाया है कि उत्तम नगर में होली के उत्सव के दौरान मुस्लिम व्यक्तियों के एक समूह ने तरुण पर बेरहमी से हमला किया और उसे पीट-पीटकर मार डाला। शिकायत के अनुसार, यह घटना उत्सव के दौरान पानी के मामूली छींटे पड़ने से शुरू हुई, जिसके कारण दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ।
ईंट, पत्थरों और लोहे की छड़ों का इस्तेमाल
आरोप है कि पीड़ित परिवार द्वारा माफी मांगने के बावजूद लगभग 15-20 लोगों के एक समूह ने तरुण पर तब हमला किया जब वह दोपहिया वाहन से घर लौट रहा था। शिकायत में कहा गया है कि हमलावरों ने ईंटों, पत्थरों और लोहे की छड़ों का इस्तेमाल किया। इस हमले में पीड़ित को गंभीर चोटें आईं और बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पर्याप्त मुआवजे की भी मांग
शिकायतकर्ता ने आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है और उचित जांच सुनिश्चित करने, सभी आरोपियों की पहचान और उन पर मुकदमा चलाने, पीड़ित परिवार की सुरक्षा और पर्याप्त मुआवजा देने का अनुरोध किया है। शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ित के मानवाधिकारों का उल्लंघन प्रतीत होते हैं।
एनएचआरसी की पीठ ने संज्ञान लिया
मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की एक पीठ ने इस मामले का संज्ञान लिया है। पीठ की अध्यक्षता कर रहे प्रियांक कानूनगो ने कार्यवाही में लिखा है कि रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह पश्चिम दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट और दिल्ली के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी करे और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराने का निर्देश दे।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश
कार्यवाही में आगे लिखा है कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से यह आरोप लगाया गया है कि होली के दौरान कथित असहिष्णुता के कारण यह घटना घटी। कार्यवाही में कहा गया है कि जांच एजेंसी सभी प्रासंगिक साक्ष्यों की जांच करेगी और उन्हें सुरक्षित रखेगी। इसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित सामग्री भी शामिल है, जिनका साक्ष्य के रूप में महत्व हो सकता है। इसमें आगे कहा गया है कि अधिकारियों को घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज को एकत्र करने और सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है।
कार्यवाही में कहा गया है कि जांच एजेंसी यह सुनिश्चित करेगी कि अपराध स्थल पर उंगलियों के निशान, पैरों के निशान, पत्थर या हमले में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई अन्य वस्तुएं, अन्य भौतिक निशान सहित सभी फोरेंसिक साक्ष्य विधिवत एकत्र, संरक्षित और जांच किए गए हैं।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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