
100 करोड़ की जीएसटी चोरी का भंडाफोड़, यूपी एसटीएफ ने गाजियाबाद से दो जालसाजों को दबोचा
यूपी एसटीएफ ने गाजियाबाद में दबिश देकर फर्जी फर्मों के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो कई राज्यों में सक्रिय थे।
यूपी एसटीएफ ने फर्जी फर्म बनाकर 100 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। शालीमार गार्डन क्षेत्र से सोमवार रात गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया।
फर्जी ई-वे बिल बनाकर खरीद-फरोख्त दिखाते
आरोपी फर्जी ई-वे बिल बनाकर खरीद-फरोख्त दिखाते हुए आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम कर राज्य कर विभाग को नुकसान पहुंचा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ है। सहारनपुर के सदर बाजार थाने में बीते साल शौर्या एंटरप्राइजेज द्वारा फर्जी लेन-देन दिखाकर करोड़ों की टैक्स चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था। राज्य कर विभाग और पुलिस की जांच में पता चला कि फर्जी लेन-देन पर आईटीसी क्लेम कर 100 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया गया। सीओ एसटीएफ प्रमेश कुमार शुक्ल ने बताया कि सहारनपुर पुलिस ने इस मामले में एसटीएफ से मदद मांगी थी। साक्ष्यों के आधार पर छानबीन में पता चला कि आरोपी गाजियाबाद में हैं। सोमवार देर रात डीएलएफ दिलशाद एक्सटेंशन स्थित एक फ्लैट पर दबिश दी गई। यहां से पुलिस ने लोनी निवासी मोहम्मद शादाब और दिल्ली के शाहदरा निवासी मोहम्मद आलम को गिरफ्तार किया। इनके पास से लैपटॉप, सात मोबाइल, चेकबुक और एक पेन कार्ड बरामद हुआ।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर बोगस फर्म बनाते थे और उनके नाम से फर्जी जीएसटी रिटर्न दाखिल करते थे। बैंक खातों के जरिये दिखावटी लेन-देन करते थे। इसी के आधार पर आईटीसी क्लेम कर लेते थे। गिरोह में और भी सदस्य शामिल हैं और अब तक आरोपी 100 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व की क्षति पहुंचा चुके हैं।
इस तरह फर्जीवाड़ा
जिस फ्लैट से आरोपियों को पकड़ा गया, वह मोहम्मद शादाब ने किराये पर ले रखा था। उसने बताया कि वह एक अन्य साथी मोहसिन के साथ विभिन्न फर्मों के लेखा-जोखा का काम करता है। इसी दौरान मोहम्मद आलम, समर, तुफैल और रहमान से परिचय हुआ। इसके बाद सभी ने मिलकर बोगस फर्में बनाकर फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। जिन फर्मों को माल बिक्री दिखाना होता था, उसका पूरा इनपुट मोहम्मद शादाब और मोहसिन देते थे। मोहम्मद आलम, समर, तुफैल और रहमान आदि सेल्स इनवॉइस, ई-वे बिल बनाकर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड कर देते थे।
दिल्ली और महाराष्ट्र में भी फर्जी फर्म पंजीकृत
आरोपियों की जालसाजी सिर्फ उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है। सीओ एसटीएफ ने बताया कि इस गिरोह ने हैदराबाद, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, ओडिशा और दिल्ली में भी कई फर्जी फर्म पंजीकृत करा रखी हैं। इन राज्यों को भी इसी तरह से राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं। आरोपियों के बाकी साथियों की भी तलाश की जा रही है।





