
उमर खालिद और शरजील को क्या मिलेगी जमानत? आ गई 'सुप्रीम' फैसले की तारीख
दिल्ली दंगों की साजिश के आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 5 जनवरी को अपना फैसला देगा। जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की बेंच ने दिसंबर महीने में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सुप्रीम कोर्ट 5 जनवरी को दिल्ली दंगों की साजिश के आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगा। जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की बेंच ने दिसंबर महीने में लंबी दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन आरोपियों पर यूएपीए जैसे कड़े कानून के तहत केस दर्ज हैं। इन पर 2020 दिल्ली दंगों का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 700 से अधिक घायल हुए थे। दिल्ली हाई कोर्ट ने इन आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
दिसंबर में हुई थी दलीलें
इन आरोपियों ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की बेंच 5 जनवरी को उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगी। दिसंबर महीने में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों की दलीलों पर गौर किया था।
दिग्गजों ने रखा था पक्ष
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने पक्ष रक्षा था। वहीं आरोपियों की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, सिद्धार्थ दवे, सलमान खुर्शीद और सिद्धार्थ लूथरा ने दलीलें रखी थीं। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सर्वोच्च अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
क्या है आरोप?
गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA एक आतंकवाद विरोधी कानून है। उमर, शरजील और अन्य आरोपियों पर यूएपीए और पुरानी आईपीसी की धाराओं के तहत केस दर्ज है। इन आरोपियों पर 2020 के दंगों का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद यह हिंसा भड़की थी।
न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी ने लिखा था लेटर
हाल ही में उमर खालिद की जेल का मामला तब गरमा गया था जब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने लिखा था कि प्रिय उमर, मैं कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की आपकी बात को याद करता हूं। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब आपके बारे में ही सोच रहे हैं। इस लेटर को लेकर देश का सियासी माहौल गरम हो गया था।
भाजपा ने बोला था हमला
भाजपा ने ममदानी पर भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया था। BJP ने साफ कर दिया था कि देश ऐसी किसी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगा। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा था कि यदि भारत की संप्रभुता को चुनौती दी गई तो 140 करोड़ भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एकजुट खड़े होंगे। बता दें कि ममदानी के लेटर को खालिद की सहयोगी बनज्योत्सना लाहिड़ी ने एक्स पर शेयर किया था।
(पीटीआई-भाषा के इनपुट के साथ)





