गंगा एक्सप्रेसवे पर रॉन्ग साइड ने दिल्ली के डॉक्टर और उनकी बेटी की जान ले ली; 6 लोग गंभीर

Subodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में दिल्ली के एक डॉक्टर और उनकी बेटी की मौत हो गई। इस हादसे में परिवार की तीन महिलाओं समेत 6 लोग घायल हो गए। मंगलवार सुबह हुई इस घटना का कारण रॉन्ग साइड ड्राइविंग बताया जा रहा है। डॉक्टर अपने परिवार समेत कार से चंदौसी से दिल्ली लौट रहे थे।

गंगा एक्सप्रेसवे पर रॉन्ग साइड ने दिल्ली के डॉक्टर और उनकी बेटी की जान ले ली; 6 लोग गंभीर

गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में दिल्ली के एक डॉक्टर और उनकी बेटी की मौत हो गई। इस हादसे में परिवार की तीन महिलाओं समेत 6 लोग घायल हो गए। मंगलवार सुबह हुई इस घटना का कारण रॉन्ग साइड ड्राइविंग बताया जा रहा है। डॉक्टर अपने परिवार समेत कार से चंदौसी से दिल्ली लौट रहे थे। हादसा कैलादेवी थाना क्षेत्र के अझरा गांव के पास हुआ।

गलत दिशा में गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के हरिनगर वेस्ट निवासी 54 साल के डॉक्टर अरविंद कुमार अपनी पत्नी मोना, बेटी यामिनी, प्रिया और दो वर्षीय सुचारिता के साथ चंदौसी से दिल्ली लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि उनकी कार सुबह करीब 6:49 बजे लहरावन टोल प्लाजा से गलत दिशा में गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ गई। कुछ दूरी तक रॉन्ग साइड चलने के बाद सामने से आ रही दूसरी कार से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई।

दूसरी कार में सवार लोग लखनऊ जा रहे थे

दूसरी कार में नोएडा सेक्टर-12 निवासी प्रॉपर्टी डीलर अभी शर्मा, उनके पिता विनोद शर्मा और चालक शिवम सवार थे। वे लोग लखनऊ जा रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों के परखच्चे उड़ गए। हादसे में डॉक्टर अरविंद कुमार और उनकी बेटी यामिनी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मोना, प्रिया और मासूम सुचारिता गंभीर रूप से घायल हो गईं। दूसरी कार में सवार तीनों लोग भी चोटिल हुए हैं।

राहगीरों ने कारों में फंसे लोगों को बाहर निकाला

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कारों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस और यूपीडा की एंबुलेंस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया। थाना प्रभारी राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।

यमुना एक्सप्रेसवे टोल पर दो सगी बहनों की जान गई

यमुना एक्सप्रेसवे के खंदौली टोल प्लाजा पर मंगलवार तड़के तेज रफ्तार एसयूवी ने आगे चल रही वैगनआर कार में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दिल्ली निवासी दो सगी बहनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत पांच लोग घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के संगम विहार और जैतपुर क्षेत्र का एक परिवार वैगनआर कार से मैनपुरी जा रहा था। सुबह करीब 4:20 बजे खंदौली टोल प्लाजा के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार एसयूवी ने कार में टक्कर मार दी। हादसे में 36 साल की रिहाना बेगम उर्फ रानी और उनकी बहन 42 साल की अफसाना बेगम की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में कार में सवार चार साल का काका, छह साल का हमजा, हीवा और शबनम गंभीर रूप से घायल हो गए। एसयूवी चालक भी चोटिल हुआ है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैगनआर कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग फंस गए।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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