DJB भ्रष्टाचार मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को रिमांड पर भेजा, ACB ने कहा था मदद नहीं कर रहे आरोपी
आरोपियों की रिमांड मांगते हुए एसीबी ने कहा कि आरोपी उसके साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं, ऐसे में उसे मामले से संबंधित हवाला लेनदेन के बारे में आरोपियों से पूछताछ करने की जरूरत है।

रिपोर्ट- हेमलता कौशिक
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय और एक निजी व्यक्ति नागेंद्र यादव को राउज एवेन्यू अदालत ने शनिवार को बोर्ड से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में दो दिन की ACB (भ्रष्टाचार निरोधक शाखा) की रिमांड पर सौंप दिया है। विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह की अदालत ने दोनों आरोपियों की रिमांड की मांग करने वाली भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की याचिका को शनिवार को स्वीकार कर लिया।
कार्यवाही के दौरान एसीबी ने कहा कि उसे मामले से संबंधित हवाला लेनदेन के बारे में आरोपियों से पूछताछ करने की जरूरत है। इसमें दावा किया गया कि आरोपी शाखा के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। आरोपी के वकील ने याचिका का विरोध किया।
पूर्व मंत्री समेत चार अन्य को 3 सितंबर तक हिरासत में भेजा
अदालत ने 19 अगस्त को मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन और चार अन्य को तीन सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। उसी दिन डीजेबी के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव को दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया। बाद में श्रीवास्तव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
टेंडर की शर्तों में हेरफेर करने का आरोप
उदित प्रकाश राय और नागेंद्र यादव को इस मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें आरोप है कि एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों में हेरफेर किया गया था। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मई 2024 में दर्ज किया गया था मामला
इस मामले के अन्य आरोपी निजी व्यक्ति राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा हैं। यह मामला यूरोटेक एन्वायर्न्मेंटल प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए टेंडर से जुड़ा है, जब जैन दिल्ली के जल मंत्री थे। डीजेबी के सीवेज उपचार संयंत्रों के विस्तार और अपग्रेडेशन से संबंधित निविदा प्रक्रिया में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, निविदा शर्तों में हेरफेर व आपराधिक साजिश को लेकर सतर्कता निदेशालय की एक शिकायत पर मई 2024 में मामला दर्ज किया गया था।


