CJP आंदोलन में आया ट्विस्ट! समर्थकों को अब चुन-चुनकर बनाया जा रहा निशाना, सरेआम पिटाई-अपमान!
वीडियो में, माइक लिए एक व्यक्ति, जो खुद को पत्रकार बताता है, नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में खुली जगह पर बैठे प्रदर्शनकारियों के एक समूह के पास जाता हुआ दिखता है। वह एक प्रदर्शनकारी की गर्दन पकड़ लेता है।

अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब एक महीने से ज्यादा समय तक चले छात्रों के आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद ये आंदोलन समाप्त हो गया लेकिन अब इसमें एक ट्विस्ट आ गया है। दरअसल, CJP प्रदर्शनकारियों को अब चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है और उनकी सरेआम पिटाई की जा रही है। कुछ को सरेराह अपमानित किया जा रहा है।
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि CJP प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद उसके प्रदर्शनकारियों को दिल्ली की सड़कों पर ट्रैक किया जा रहा है, उन्हें अपमानित किया जा रहा है और बेरहमी से पीटा जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लोकतंत्र को शर्मसार कर देने वाली ऐसी तस्वीरें देश की राजधानी के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस से सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। कनॉट प्लेस में एक कथित पत्रकार माइक लेकर एक प्रदर्शनकारी का गला दबोचते हुए कैमरे पर उसे धमकाता नजर आ रहा है।
सरकार का विरोध करने की सज़ा
आंदोलन का समर्थन करने वाले लोगों ने इन घटनाओं को "सरकार का विरोध करने की सज़ा" बताया है और प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने पर चिंता जताई है। हालाँकि, BJP से जुड़े लोगों ने ऑनलाइन प्रदर्शनकारियों का मज़ाक उड़ाया है और उनके ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के कई वीडियो सामने आए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सामने आए एक वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग एक प्रदर्शनकारी से जबरन 'सॉरी' बुलवा रहे हैं और उसे धमकी दी गई कि अगर सरकार के खिलाफ बोला तो 'डंडा डाल देंगे'। इसी तरह के एक अन्य वीडियो में भीड़ के बीच एक व्यक्ति को तब तक लात-घूंसों से पीटा गया जब तक उसके सिर से खून नहीं निकलने लगा।
तुमने मोदी के बारे में क्या कहा था?
वीडियो में, माइक लिए एक व्यक्ति, जो खुद को पत्रकार बताता है, नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में खुली जगह पर बैठे प्रदर्शनकारियों के एक समूह के पास जाता हुआ दिखता है। वह पहले यह पक्का करता है कि कैमरा रिकॉर्डिंग कर रहा है। इसके बाद वह एक आदमी की गर्दन पकड़ लेता है, जबकि दूसरा आदमी वहाँ से जाने की कोशिश करता है, और पूछता है, "क्या तुम कह रहे थे कि तुम भारत को नेपाल बना दोगे?" और “तुमने मोदी के बारे में क्या कहा था?”
महिलाओं के खिलाफ 'सोशल मीडिया हंटिंग'
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे हमले सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं हैं बल्कि दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े एक्स (X) हैंडल्स प्रदर्शनकारी महिलाओं की तस्वीरें साझा कर रहे हैं और भीड़ को उन्हें 'ढूंढने' के लिए उकसा रहे हैं। उनके कॉलेज, ऑफिस और पड़ोसियों तक पहुंचकर उन्हें जलील करने की मुहिम चलाई जा रही है। इसी तरह के एक एक्स हैंडल से कहा गया है, "ये लड़कियाँ कहीं न कहीं तो रहती होंगी, किसी बिल्डिंग या सोसाइटी में; कहीं काम करती होंगी या किसी कॉलेज में पढ़ती होंगी... इन्हें ढूँढ़ो... इनके पड़ोसियों, साथ काम करने वालों और क्लासमेट्स को इनकी सोच और ये क्या कर रही हैं, इसके बारे में बताओ..." इस हैंडल के बायो में लिखा है: "भारतीय राजनीतिक कमेंटेटर। विदेश नीति। हिंदू अधिकार कार्यकर्ता। गर्वित भारतीय। BJP सदस्य।"
सत्ता और व्यवस्था पर सवाल
इसी तरह, एक और हैंडल ने महिलाओं के कई वीडियो शेयर किए जिनमें वे PM मोदी की आलोचना कर रही थीं और उन्हें अपशब्द कह रही थीं। साथ में कैप्शन थे, जैसे: "इसे ढूँढ़ो... इसने PM मोदी को अपशब्द कहे... इसे सबक सिखाने के लिए जेल भेजो..." इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों को सरेआम 'कॉकरोच' कहकर पुकारा जा रहा है और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर घेरकर डराया-धमकाया जा रहा है। जहाँ एक तरफ ये लोग प्रदर्शनकारियों पर पीएम मोदी और सुरक्षा बलों के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरेआम हिंसा करने वालों पर पुलिस की चुप्पी बड़े सवाल खड़े करती है। कनॉट प्लेस में मारपीट के एक वीडियो में पुलिसकर्मी की मौजूदगी भी दर्ज की गई है, जो व्यवस्था की लाचारी को दर्शाता है।
कानून का कोई डर नहीं है
नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में शूट किए गए 5 मिनट 18 सेकंड के एक वीडियो को शेयर करते हुए, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता तजिंदर बग्गा ने कहा, "भाई, इंडिया को नेपाल बनाने वाला था..."। इस टेक्स्ट के साथ "खुशी के आँसू" वाले तीन स्माइली भी थे। दूसरी तरफ, इस तरह के वीडियो पर टिप्पणी करते हुए, पूर्व सिविल सर्वेंट आशीष जोशी ने दिल्ली पुलिस से "माइक पकड़े हुए व्यक्ति को गिरफ्तार करने" की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह "एक नागरिक को परेशान और धमका रहा था।" जोशी ने आगे कहा कि वह आदमी "खुलेआम अपशब्द कह रहा था और धमकियाँ दे रहा था" और ऐसा लग रहा था कि उसे "कानून का कोई डर नहीं है।" जोशी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत बग्गा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की भी माँग की और आरोप लगाया कि उन्होंने "सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों को उकसाया।"


