
नोएडा में धूम-3 की तर्ज पर बाइक चुराने वाले जुड़वां भाई दबोचे, 10 से अधिक बार पुलिस को दिया चकमा
नोएडा फेज-1 थाने की पुलिस ने बॉलीवुड फिल्म 'धूम-3' की तर्ज पर बाइक चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश कर दो हमशक्ल जुड़वां भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके दो और साथियों को भी पकड़ा गया। आरोपियों के पास से 15 बाइक समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
नोएडा फेज-1 थाने की पुलिस ने बॉलीवुड फिल्म 'धूम-3' की तर्ज पर बाइक चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश कर दो हमशक्ल जुड़वां भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके दो और साथियों को भी पकड़ा गया। आरोपियों के पास से 15 बाइक समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
हमेशा एक जैसे ही कपड़े पहनते थे दोनों
दिल्ली के जैतपुर निवासी सुल्तान मलिक के घर ढाई दशक पहले जुड़वां बेटे अरमान उर्फ सुट्टा और उलमान पैदा हुए। दोनों की शक्ल एक-दूसरे से मिलती है। दोनों की कद-काठी और आवाज भी एक जैसी है। उलमान ने आईटीआई की पढ़ाई की। इसके बाद दोनों भाई वाहन चोरी करने लगे। हमशक्ल होना दोनों के लिए मददगार साबित हुआ। साजिश के अनुसार, अरमान और उलमान ने कबाड़ की एक दुकान खोली। जिस समय एक भाई दुकान पर बैठता, उसी समय दूसरा भाई वाहन चोरी की वारदात कर डालता। दोनों हमेशा एक जैसे ही कपड़े पहनते।
सीसीटीवी फुटेज दिखा पुलिस को वापस लौटा देते
शक होने पर पुलिस जब दुकान पर पहुंचती तो कोई एक भाई उस समय की सीसीटीवी फुटेज दिखा देता और पुलिस वापस लौट जाती। दोनों 10 से अधिक बार पुलिस से बच चुके हैं। दोनों की कहानी 'धूम-3 फिल्म' के साहिर और समर जैसी ही है। पुलिस ने इनके गैंग में शामिल दिल्ली जैतपुर निवासी शादाब उर्फ रुतबा और बल्लभगढ़ निवासी विजय को भी गिरफ्तार किया है। विजय का भाई पवन अब भी फरार है।
कई शहरों में कीं वारदात
एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने नोएडा के अलावा गाजियाबाद, हरियाणा, बल्लभगढ़, फरीदाबाद, दिल्ली, मथुरा और बुलंदशहर समेत अन्य जगहों पर भी वाहन चोरी की कई वारदातें कीं। आरोपी ऑन डिमांड भी वाहन चोरी करते थे। शादाब उर्फ रुतबा के खिलाफ दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के अलग-अलग थानों में नौ केस दर्ज हैं। अरमान उर्फ सुट्टा और उलमान के खिलाफ आठ-आठ, जबकि विजय पर नौ केस विभिन्न थानों में दर्ज हैं। आरोपी जेल जा चुके हैं।
एसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि अरमान, शादाब और विजय ने पांचवीं तक की पढ़ाई की है। आरोपियों से बरामद बाइक और पुर्जों की कीमत 15 लाख रुपये है। गिरोह को दबोचने वाली टीम को डीसीपी नोएडा ने सम्मानित करने की बात कही है।
गिरोह का संचालन करता था सरगना ‘रुतबा’
डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि गिरोह का सरगना शादाब उर्फ रुतबा है। वह अपने साथियों के साथ कॉलोनियों, सोसाइटियों और कंपनी के बाहर खड़े वाहनों की रेकी करता। इसके बाद गिरोह के तीन सदस्य वाहन चोरी की वारदात करते। लॉक तोड़ने वाला उपकरण तीनों अपने साथ रखते। तीनों चोरी के दोपहिया वाहन को उलमान कबाड़ी की दुकान पर ले जाते। यहां से चोरी के वाहन कच्चे रास्तों के जरिए हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी पवन और विजय तक पहुंचते। यहां अगर कोई ग्राहक मिलता तो सस्ते दाम में बाइक बेच दी जाती। ग्राहक नहीं मिलने पर वाहनों के पुर्जों को अलग कर दिल्ली के कई दुकानदारों को बेचा जाता। जो भी रकम मिलती, गिरोह के सभी बदमाश उसे आपस में बांट लेते।





