
तुर्कमान गेट हिंसा: चेहरा छिपाकर पत्थरबाजी करने आए थे बाहरी लोग, सपा सांसद ने की थी बैठक
तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में एसआईटी ने 450 वीडियो की जांच के बाद बाहरी उपद्रवियों की पहचान की है, साथ ही पुलिस घटना से पहले यूपी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की इलाके में मौजूदगी की भी जांच कर रही है।
तुर्कमान गेट इलाके में अवैध निर्माण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी में बाहरी लोग शामिल थी। उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क, मंकी टोपी, हुडी और रुमाल का इस्तेमाल किया था। पुलिस के मुताबिक, ज्यादातर फुटेज में उपद्रवी चेहरा ढके हुए दिखाई दे रहे हैं।
सांसद की मौजूदगी की हो रही जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले यूपी के एक सांसद ने इलाके के स्थानीय लोगों के साथ बैठक की थी। पुलिस तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे घटनास्थल पर कब तक मौजूद थे। ज्वाइंट कमिश्नर मधुर वर्मा ने कहा कि जांच में शामिल किसी की भी भूमिका सामने आने पर उसे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि हिंसक झड़प में केवल स्थानीय लोग नहीं, बल्कि कई बाहरी लोग भी शामिल थे।
बाहर से लोग बुलाए
पुलिस को संदेह है कि सोशल मीडिया के जरिए बाहर से लोगों को बुलाकर हिंसा भड़काई गई। इसी कारण कई व्हाट्सऐप ग्रुप, सोशल मीडिया पेज और पोस्ट की जांच चल रही है। संदिग्धों की तलाश में उनके संभावित स्थानों पर छापेमारी भी की जा रही है।
चांदनी महल थाने के सिपाही संदीप के बयान पर इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। एमसीडी कोर्ट के आदेश पर सैयद फैज इलाही मस्जिद के पास अवैध कब्जा हटाने गई। रात 12:40 बजे 30-35 लोगों की भीड़ ने बैरिकेड तोड़ते हुए पुलिस पर पथराव किया। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। एक उपद्रवी ने लाउडस्पीकर तोड़ दिया।
सांसद नदवी ने तुर्कमान गेट पर की थी बैठक
एमसीडी की कार्रवाई से पहले यूपी के रामपुर सीट के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी तुर्कमान गेट पहुंचे और स्थानीय लोगों से मिले। ज्वाइंट कमिश्नर मधुर वर्मा के अनुसार, सांसद मंगलवार रात करीब 11:15 बजे पहुंचे और लगभग एक घंटे तक लोगों से बातचीत की। करीब 12 बजे वे चले गए। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मीटिंग के दौरान क्या हुआ और कौन शामिल था।
चांदनी महल की तरफ से आए थे पथराव करने
जांच में सामने आया है कि घटना के समय चारों ओर भीड़ थी और नारेबाजी हो रही थी। इसी दौरान चांदनी महल की तरफ से 30–35 लोगों का एक समूह बेरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ा और पथराव शुरू कर दिया। पथरबाजों में स्थानीय लोगों के साथ कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे, जिनमें एक-दो के राजनीतिक संबंध होने की बात सामने आई है। पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। चांदनी महल थाने में सिपाही संदीप के बयान पर एफआईआर दर्ज हुई है। घटना रात पौने एक बजे के बाद की है।
450 वीडियो की जांच की गई
जिले की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने करीब 450 वीडियो की जांच कर लगभग 30 पत्थरबाजों की पहचान की है। अब तक 22 संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। चिह्नित संदिग्धों की तलाश में दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी भी शुरू कर दी गई है। साथ ही 16 सोशल मीडिया यूआरएल की जानकारी संबंधित एजेंसियों से मांगी गई है।
कौन-कौन गिरफ्तार?
गिरफ्तार किए गए छह अन्य संदिग्धों में अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबेद शामिल हैं, जो तुर्कमान गेट के रहने वाले हैं। इन्हें घटना के दूसरे दिन जांच के दौरान पहचान होने के बाद हिरासत में लिया। इससे पहले बुधवार को चांदनी महल निवासी मोहम्मद काशिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद आरीब, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद शहनवाज उर्फ समीर को गिरफ्तार किया था। पुलिस दर्जन भर अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने जामिया इलाके की रहने वाली ऐमन रिजवी को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऐमन ने तुर्कमान गेट और मस्जिद को लेकर कई भड़काऊ और विवादित पोस्ट साझा किए थे।





