
गलियां सुनसान, जरूरी सामान की किल्लत.. तुर्कमान गेट पत्थरबाजी के बाद पसरा सन्नाटा
तुर्कमान गेट पर पत्थरबाजी के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और बाजार बंद होने से लोगों को दूध व दवा जैसी जरूरी चीजों के लिए जूझना पड़ रहा है, जबकि मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है।
तुर्कमान गेट के पास हालिया पत्थरबाजी की घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि दवा लेने या जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को भी रास्ता ढूंढने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकतर गलियां बंद हैं और हर ओर भारी पुलिस बल की तैनाती है। आम दिनों में चहल-पहल से गुलजार रहने वाला इलाका अब वीरान नजर आ रहा है।
ज्यादातर दुकानों पर ताले लटके
गुरुवार को तुर्कमान गेट की संकरी गलियों में बमुश्किल ही कोई आता-जाता दिखा। ज्यादातर दुकानों पर ताले लटके रहे। जरूरी सामान की भी केवल एक-दो दुकानें ही खुली दिखाई दीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है, जिसके चलते गलियां पूरी तरह सूनी पड़ी हैं।
इलाके में दहशत
इलाके में दहशत और असुरक्षा का माहौल साफ झलक रहा है। मेन बाजार में अपने घर की खिड़की से बात करते हुए सुहेल खान की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि अपने पूरे जीवन में उन्होंने यहां इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल कभी नहीं देखा। यह सब देखकर डर लग रहा है। सुहेल के मुताबिक घटना के बाद से उन्हें नींद नहीं आ रही है। उस रात का मंजर बार-बार आंखों के सामने घूम जाता है। पत्थरबाजी का शोर अब भी कानों में गूंजता है। वहीं, स्थानीय निवासी शारीक अंसारी ने बताया कि उनके कॉलेज ग्रुप में भी घटना को लेकर ही चर्चा हो रही है। उन्होंने बताया कि जब भी पुलिस बल गश्त करता हुआ गली से गुजरता है तो माता-पिता घबरा जाते हैं। इसी डर के चलते उन्हें घर से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी गई है। हालात सामान्य होने का इंतजार सभी को है।
दूसरे दिन भी जारी रही कार्रवाई
सैयद फैज इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। दिनभर बुलडोजर चलाए गए और मलबा हटाने का काम समानांतर रूप से किया गया। रामलीला मैदान की ओर से कई बुलडोजर अतिक्रमण ढहाते नजर आए। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर बिजली के तार भी हटाए गए। वहीं, डंपरों की मदद से मलबा उठाकर बाहर ले जाया गया।
छोटे बच्चों के लिए दूध तक नहीं मिल पा रहा
सीमा अली ने मायूसी जताते हुए कहा कि इलाके में रहने वालों का क्या कसूर है। पूरा बाजार बंद पड़ा है और घर में छोटे बच्चे हैं, जिनके लिए दूध तक नहीं मिल पा रहा। स्थानीय निवासी फहीम ने कहा कि पुलिस अपनी जांच कर रही है, यह जरूरी है, लेकिन साथ ही जरूरी दुकानों को खुलवाने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। लोगों की रातें डर के साये में गुजर रही हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण परेशानी बढ़ी
आलम यह है कि दवा, दूध और सब्जी जैसी जरूरी चीजों की दुकानें भी नहीं खुल रही हैं। स्थानीय निवासी निहाल काजमी ने बताया कि उनकी माता का हाल ही में पेट का ऑपरेशन हुआ है और उनकी तबीयत गंभीर है। ऐसे में जरूरी दवाइयों की सख्त जरूरत है, लेकिन मेडिकल स्टोर बंद होने से परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि ओखला से अपने छोटे भाई को दवा लाने के लिए कहा था, मगर रास्ते में रोक जाने से वह घर तक नहीं पहुंच सका। इलाके के सभी लोग अब हालात सामान्य होने के इंतजार कर रहे हैं।
रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल
इलाके में हालात ऐसे बने हुए हैं कि लोग दवा से लेकर दूध तक के लिए भटकने को मजबूर हैं। दुकानों के बंद रहने से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। ज्यादातर दुकानों पर ताले लटके रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकानें बंद होने के बाद वे ऑनलाइन माध्यम से भी सामान नहीं मंगा पा रहे ह। इलाके में दहशत और असुरक्षा का माहौल साफ झलक रहा है।





