Hindi Newsएनसीआर Newsturkman gate stone pelting case court send accused to judicial custody
तुर्कमान गेट पथराव मामला: पत्थर फेंकने वालों के मोबाइल में ही सबूत, अदालत में बोली पुलिस

तुर्कमान गेट पथराव मामला: पत्थर फेंकने वालों के मोबाइल में ही सबूत, अदालत में बोली पुलिस

संक्षेप:

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने तुर्कमान गेट इलाके में हुए पथराव के मामले में शुक्रवार को 8 आरोपियों को 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सभी आरोपी पथराव की घटना के समय मौके पर मौजूद थे।

Jan 09, 2026 09:07 pm ISTSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने तुर्कमान गेट इलाके में हुए पथराव के मामले में शुक्रवार को 8 आरोपियों को 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी साएशा चड्ढा की अदालत ने इमरान फारुख, इमरान सुल्तान, मोहम्मद अफ्फान, आमिर हमजा, मोहम्मद उबैद उल्लाह, शाहनवाज, मोहम्मद अथर और मोहम्मद आदिल को 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध कराए गए हैं और प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सभी आरोपी पथराव की घटना के समय मौके पर मौजूद थे।

सीसीटीवी फुटेज में भी नजर आ रहे आरोपी

दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव पेश हुए। न्यायिक हिरासत की मांग करते हुए पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों की पहचान प्रत्यक्षदर्शी कांस्टेबल घनश्याम ने की है और वे सीसीटीवी फुटेज में भी नजर आ रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनमें पथराव से जुड़े वीडियो, भड़काऊ संदेश और कॉल रिकॉर्ड पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पथराव में इलाके के एसएचओ समेत छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनकी मेडिकल लीगल रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई है।

हिरासत के दौरान दवा लेने की अनुमति

अदालत ने आरोपी मोहम्मद अथर की उस अर्जी को भी मंजूरी दी, जिसमें न्यायिक हिरासत के दौरान दवा लेने की अनुमति मांगी गई थी। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि वह टीबी और अस्थमा से पीड़ित है। वहीं, आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने पुलिस की न्यायिक हिरासत की मांग का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों को बिना किसी ठोस सबूत के गिरफ्तार किया गया है। न तो उन्हें कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध कराए गए।

ये भी पढ़ें:तुर्कमान गेट इलाके में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई जुमे की नमाज, लोगों ने की एक अपील
ये भी पढ़ें:तुर्कमान गेट में फैज इलाही मस्जिद के पास क्यों चलाया बुलडोजर? MCD ने बताया

13 को होगी जमानत अर्जी पर सुनवाई

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता मिर्जा असद बेग और नदीम खान ने एक अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया कि जिन पांच आरोपियों को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, उन्हें जेल स्टाफ द्वारा पीटा गया और प्रताड़ित किया गया। इस पर अदालत ने जेल प्रशासन से आरोपों के संबंध में मेडिकल रिपोर्ट तलब की है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दाखिल की गई पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर अपना जबाव अदालत में दाखिल कर दिया। आरोपियों के वकीलों ने पुलिस के जवाब का अध्ययन करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने सभी जमानत अर्जियों पर अगली सुनवाई 13 जनवरी को तय की है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज , धर्म ज्योतिष , एजुकेशन न्यूज़ , राशिफल और पंचांग पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।