
तुर्कमान गेट पथराव मामला: पत्थर फेंकने वालों के मोबाइल में ही सबूत, अदालत में बोली पुलिस
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने तुर्कमान गेट इलाके में हुए पथराव के मामले में शुक्रवार को 8 आरोपियों को 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सभी आरोपी पथराव की घटना के समय मौके पर मौजूद थे।
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने तुर्कमान गेट इलाके में हुए पथराव के मामले में शुक्रवार को 8 आरोपियों को 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी साएशा चड्ढा की अदालत ने इमरान फारुख, इमरान सुल्तान, मोहम्मद अफ्फान, आमिर हमजा, मोहम्मद उबैद उल्लाह, शाहनवाज, मोहम्मद अथर और मोहम्मद आदिल को 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध कराए गए हैं और प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सभी आरोपी पथराव की घटना के समय मौके पर मौजूद थे।
सीसीटीवी फुटेज में भी नजर आ रहे आरोपी
दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव पेश हुए। न्यायिक हिरासत की मांग करते हुए पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों की पहचान प्रत्यक्षदर्शी कांस्टेबल घनश्याम ने की है और वे सीसीटीवी फुटेज में भी नजर आ रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनमें पथराव से जुड़े वीडियो, भड़काऊ संदेश और कॉल रिकॉर्ड पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पथराव में इलाके के एसएचओ समेत छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनकी मेडिकल लीगल रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई है।
हिरासत के दौरान दवा लेने की अनुमति
अदालत ने आरोपी मोहम्मद अथर की उस अर्जी को भी मंजूरी दी, जिसमें न्यायिक हिरासत के दौरान दवा लेने की अनुमति मांगी गई थी। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि वह टीबी और अस्थमा से पीड़ित है। वहीं, आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने पुलिस की न्यायिक हिरासत की मांग का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों को बिना किसी ठोस सबूत के गिरफ्तार किया गया है। न तो उन्हें कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध कराए गए।
13 को होगी जमानत अर्जी पर सुनवाई
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता मिर्जा असद बेग और नदीम खान ने एक अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया कि जिन पांच आरोपियों को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, उन्हें जेल स्टाफ द्वारा पीटा गया और प्रताड़ित किया गया। इस पर अदालत ने जेल प्रशासन से आरोपों के संबंध में मेडिकल रिपोर्ट तलब की है।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दाखिल की गई पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर अपना जबाव अदालत में दाखिल कर दिया। आरोपियों के वकीलों ने पुलिस के जवाब का अध्ययन करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने सभी जमानत अर्जियों पर अगली सुनवाई 13 जनवरी को तय की है।

लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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