काम की बात: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर DND से जैतपुर तक सफर के लिए ट्रायल रन शुरू, पूरे NCR को मिलेगा लाभ
एनसीआर में रहने और नौकरी करने वालों के लिए अच्छी खबर है। एनएचएआई ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर डीएनडी से जैतपुर तक के हिस्से को ट्रायल के लिए खोल दिया है। इससे दिल्लीवालों के अलावा गाजियाबाद और नोएडा के लोगों को फरीदाबाद, सोहना, जयपुर जाने में आसानी होगी।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का महारानी बाग डीएनडी फ्लाईओवर से जैतपुर तक का हिस्सा शुक्रवार शाम वाहनों के ट्रायल के लिए खोल दिया गया। कई दिनों से इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बिना किसी सूचना अचानक एक्सप्रेसवे ट्रायल के लिए खोलकर अटकलों पर विराम लगा दिया। हालांकि, पहले दिन इससे जाने वालों की संख्या सीमित रही। इसके खुलने से लोगाें का जैतपुर, फरीदाबाद, सोहना और जयपुर तक जाना काफी आसान हो जाएगा, क्योंकि जैतपुर से आगे एक्सप्रेसवे का हिस्सा पहले से ही यातायात के लिए खुला हुआ था।
अधिकारियों के अनुसार, डीएनडी से जैतपुर तक के 9 किलोमीटर हिस्से में से 7.50 किलोमीटर एलिवेटेड है, जबकि आगरा कैनाल के आगे जैतपुर पुश्ता रोड तक 1.50 किलोमीटर हिस्सा सरफेस पर बना है, बीच मे 140 मीटर का स्टील आर्च ब्रिज है। यह आर्च ब्रिज अपनी तरह का देश का सबसे लंबा ब्रिज है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 132 मीटर लंबाई का था। बीते मई में इस हिस्से के पूरी तरह तैयार होने पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ निरीक्षण किया था। उसके बाद से लोगों को एक्सप्रेसवे के इस खंड के खुलने की उम्मीद जाग गई थी। शुक्रवार शाम को इसे खोलने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद एनएचएआई ने ट्रायल शुरू करने के संबंध में बोर्ड और बैनर लगाए। कई स्थानों पर सड़क सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश के बोर्ड भी लगवाए गए। करीब 5:30 बजे इसे वाहनों के लिए खोल दिया गया।
पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के लोग डीएनडी फ्लाईवे से आकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चढ़ कर जैतपुर, फरीदाबाद, सोहना और जयपुर की ओर रुख कर सकते हैं। इसके अलावा सराय काले खां की तरफ से आ रहे वाहन आश्रम वाले पुराने रैंप के जरिये इस ओर जा सकते हैं। वहीं, सोहना, फरीदाबाद से आने वाले जैतपुर से चढ़कर आश्रम और एम्स जा सकते हैं। इस एक्सप्रेसवे पर अभी 100 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से वाहन दौड़ रहे हैं। ऐसे में 10 मिनट में लोग जैतपुर और 25 मिनट में फरीदाबाद पहुंच जा रहे हैं।
पूरा बनने में समय लगेगा
एक्सप्रेसवे से मुंबई तक जाने के लिए अभी इंतजार करना होगा। मध्य प्रदेश, गुजरात और मुंबई के हिस्सों में अलग-अलग हिस्सों में निर्माण चल रहा है। उन हिस्सों के निर्माण को पूरा होने में डेढ़ से दो साल का वक्त लग सकता है।
कई कारणों से देरी हुई
इस खंड के निर्माण में देरी हुई है और उसकी कई वजह है। एनएचएआई के मुताबिक, इसे सितंबर 2025 में पूरा किया जाना था पहले आगरा कैनाल पर पिलर बनाने के लिए निर्णय हुआ था। लेकिन कैनाल का प्रवाह प्रभावित होने के डर से उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से इसकी अनुमति नहीं मिली। फिर इसके डिजाइन में बदलाव कर स्टील आर्च ब्रिज बनाने का निर्णय लेना पड़ा। इसकी स्वीकृति में समय लगा, फिर इसकी लागत भी बढ़ी।
मथुरा रोड पर दबाव घटेगा
अधिकारियों का मानना है कि एक्सप्रेसवे के ट्रायल पर खुलने से ही मथुरा रोड पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पूर्वी दिल्ली नोएडा की ओर से आ रहे वाहन फरीदाबाद जाने के लिए मथुरा रोड का रुख करते थे। ऐसे में वह लोग अब एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करेंगे।
सराय काले खां जल्द पहुंच सकेंगे
डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे के दिल्ली के मदनपुर खादर स्थित बचे हिस्से के खुलने से लाखों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। अब वे 20 मिनट में फरीदाबाद से दिल्ली के सराय काले खा पहुंच सकेंगे। फरीदाबाद से दिल्ली जाने वाले वाहन जैतपुर में एक्सप्रेसवे से नीचे उतरते हैं। इसके बाद कालिंदीकुंज, बदरपुर बॉर्डर और आश्रम के रास्ते दिल्ली पहुंचना पड़ता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में इन मार्गों पर घंटों लंबा जाम होता है। 10 मिनट की दूरी तय करने में डेढ़ से दो घंटे तक लग जाते हैं। एलिवेटेड हिस्सा सीधे डीएनडी से जुड़ने के कारण फरीदाबाद से आने वाले वाहन बिना नीचे उतरे दिल्ली की ओर बढ़ सकेंगे। वहीं, एनएचएआई के परियोजना निदेशक धीरज सिंह ने बताया कि एलिवेटेड हिस्सा 30 दिन के ट्रायल पर खोला गया है।


