दिल्ली में आज इन सड़कों पर बंद रहेगा ट्रैफिक, कई रूटों में बदलाव; पुलिस ने जारी किया एडवाइजरी
दिल्ली में आज यानी शनिवार को कई सड़कों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा कई रास्तों पर ट्रैफिक में बदलाव किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी किया है। ऐसा हनी सिंह के कार्यक्रम को देखते हुए किया गया है।

दिल्ली में आज यानी शनिवार को कई सड़कों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा कई रास्तों पर ट्रैफिक में बदलाव किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी किया है। ऐसा हनी सिंह के कार्यक्रम को देखते हुए किया गया है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि हनी सिंह के संगीत कार्यक्रम के मद्देनजर शनिवार को राजघाट के पास इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम के आसपास यातायात प्रतिबंधित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी एक सलाह के अनुसार, दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे के बीच यातायात जाम की आशंका है, क्योंकि स्टेडियम में शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक होने वाले संगीत कार्यक्रम के लिए दर्शकों की भारी भीड़ होगी।
हनी सिंह के कार्यक्रम से प्रभावित होने वाले मार्गों में आईपी मार्ग (एमजीएम रोड), विकास मार्ग और राजघाट तथा आईपी डिपो के बीच का रिंग रोड मार्ग शामिल हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि आईपी मार्ग और विकास मार्ग पर यातायात में बदलाव और प्रतिबंध लागू रहेंगे, जबकि राजघाट से आईपी मार्ग तक के मार्ग पर निर्धारित अवधि के दौरान भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
राजघाट से आईपी फ्लाईओवर तक रिंग रोड के दोनों लेन पर पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। एडवाइजरी में कहा गया है कि सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां खींच करके हटा दी जाएंगी और उन पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि स्टेडियम के विभिन्न गेटों से दर्शकों के प्रवेश की व्यवस्था की गई है। वेलोड्रोम रोड पर स्थित गेट नंबर 7 और 8 से प्रवेश की अनुमति वेलोड्रोम रोड से ही होगी, जबकि रिंग रोड पर स्थित गेट नंबर 21, 22, 16 और 18 से प्रवेश एमजीएम रोड से होगा।
एडवाइजरी के अनुसार, स्टेडियम के पास सीमित पार्किंग स्थान केवल उन वाहनों के लिए उपलब्ध होगा जिनके विंडस्क्रीन पर वैध पार्किंग लेबल लगे हों। इसमें कहा गया है कि वैध पार्किंग लेबल के बिना वाहनों को स्टेडियम के पास आने की अनुमति नहीं होगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


