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जहरीली हवा से पूरे साल खतरा, दिल्ली में पद्म सम्मानित 80 डॉक्टरों की सरकार से क्या अपील

जहरीली हवा से पूरे साल खतरा, दिल्ली में पद्म सम्मानित 80 डॉक्टरों की सरकार से क्या अपील

संक्षेप:

Air Pollution: देश के 80 से अधिक पद्म पुरस्कार प्राप्त डॉक्टरों ने वायु प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बचाव के तरीके बताए, साथ ही सरकार से अपील भी की।

Dec 05, 2025 06:57 am ISTGaurav Kala नई दिल्ली
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Air Pollution: भारत में वायु प्रदूषण अब केवल सर्दियों के मौसम का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि साल भर जारी रहने वाला गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन चुका है। देश के 80 से अधिक पद्म पुरस्कार प्राप्त डॉक्टरों ने बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील भी की।

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वेंटिलेशन जरूरी

डॉक्टरों ने बताया कि भारत में सभी श्वसन संबंधी मौतों में से एक-तिहाई से अधिक खराब वायु गुणवत्ता से जुड़ी हैं, जबकि स्ट्रोक से होने वाली लगभग 40 प्रतिशत मौतों के लिए प्रदूषण जिम्मेदार माना गया है। जिन परिवारों के पास एयर प्यूरिफायर नहीं हैं, उन्हें रोजाना गीले कपड़े से सफाई करने, अगरबत्ती, धूप, कपूर और मॉस्क्यूटो कॉइल से बचने, रसोई में उचित वेंटिलेशन रखने और ट्रिपल-लेयर मास्क उपयोग करने की सलाह दी गई।

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उच्च एक्यूआई वाले दिनों में बचाव

डॉक्टरों ने नागरिकों के लिए विस्तृत सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए। इनमें उच्च एक्यूआई वाले दिनों में एयर प्यूरिफायर, मास्क का उपयोग करने के साथ ही बाहर की गतिविधियों में कमी की सलाह दी गई है। साथ ही उच्च एक्यूआई वाले दिनों में बच्चों को बाहर खेलने और स्कूल असेंबली में शामिल होने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों वाले लोगों को प्रदूषण के संपर्क को न्यूनतम रखना चाहिए और निमोनिया व फ्लू के टीकाकरण सुनिश्चित करने चाहिए।

आनुवांशिक नुकसान भी

उत्तर भारत में पीएम 2.5 के स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों से 20 से 40 गुना तक अधिक पहुंच जाते हैं। करीब 70 प्रतिशत आबादी रोजाना असुरक्षित हवा में सांस ले रही है। प्रदूषण का असर दमा और हृदय रोगों से कहीं आगे बढ़ गया है। अब यह कैंसर, मेटाबोलिक विकार भी पाया गया है।

सरकार से अपील

डॉक्टरों ने सरकार से तत्काल सार्वजनिक स्वास्थ्य-प्रथम कदम उठाने की अपील की,जैसे गंभीर प्रदूषण के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करना, ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के मानकों को वैज्ञानिक आधार पर संशोधित करना, औद्योगिक उत्सर्जन, कचरा जलाने और डीज़ल जेनरेटर पर कड़े नियंत्रण लागू करना। इसके बाद ही साफ हवा हो सकती है।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala
गौरव काला को नेशनल, राजनीति, अंतरराष्ट्रीय, क्राइम और वायरल समाचार लिखना पसंद हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 10 साल कार्य का अनुभव। लाइव हिन्दुस्तान से पहले अमर उजाला, दैनिक जागरण और ईटीवी भारत जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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