आज का प्रदर्शन तो बस एक ट्रेलर था...; आंदोलन के बाद बोले कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि हवाई अड्डे, सीमा प्रवेश बिंदुओं और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया था।

नीट समेत कई अन्य परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के विरोध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया। जिसमें बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी और अभिभावक पहुंचे। दिनभर चले इस आंदोलन के दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारी विरोध स्थल पर पहुंचे, इस दौरान उन्होंने ना केवल शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर हाथ में ले रखे थे, बल्कि साथ ही'कॉकरोच' वाले मुखौटे भी पहन रखे थे। उन्होंने देश में 'हिंदू-मुस्लिम' की राजनीति बंद करने की मांग करते हुए नारेबाजी भी की और साथ ही'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए। वहीं आंदोलन खत्म होने के बाद इसका आह्वान करने वाले अभिजीत दीपके ने आज हुए विरोध-प्रदर्शन को बस एक ट्रेलर बताया। साथ ही बड़ी संख्या में आने के लिए लोगों को धन्यवाद भी कहा।
इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर की अपनी पोस्ट में अभिजीत दीपके ने लिखा, 'मैं अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहा हूं, उनसे आखिरी बार मिले हुए एक साल से ज्यादा हो गया है। पिछले 15 दिनों में उन्हें बहुत परेशानी झेलनी पड़ी है और धमकियों की वजह से उन्हें घर छोड़ना पड़ा था। मैं उन्हें वापस घर ले जाऊंगा।'
इसके आगे उन्होंने लिखा, 'आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि आज का विरोध प्रदर्शन तो बस एक ट्रेलर था। इतनी बड़ी संख्या में आने के लिए आपका धन्यवाद।'
'ये लोग बेशर्म, कार्रवाई करने की बजाय'
इससे पहले प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा था, 'मेरे दोस्तों, यह संघर्ष लंबा है। सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए हमें एक महीना हो गया है, लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय वे ध्यान भटकाने वाले अन्य कामों में लगे हैं, जैसे हमारे अकाउंट हैक करना और हमारी पोस्ट हटवाना। आप हमारी पोस्ट हटा सकते हैं, लेकिन हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते।'
'केवल इन लोगों के नारे लगाने की अपील की'
साथ ही कार्यक्रम के दौरान दीपके ने प्रदर्शनकारियों से यह अपील भी की वे केवल अपने देश, महात्मा गांधी और बाबा साहब आंबेडकर के समर्थन में ही नारे लगाएं और सांप्रदायिक राजनीति का विरोध करें। सीजेपी संस्थापक ने कहा कि उनके अमेरिका जाते समय उनकी मां उतना नहीं रोई थीं, जितना वह उनके लौटने पर रोईं, क्योंकि उन्हें डर था कि भारत लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ मेरी मां का डर नहीं है, यह हर उस युवा के माता-पिता का डर है, जो राजनीति पर बोलता है... हम कब तक डर में जीते रहेंगे? उन्हें बता दीजिए, हम डरते नहीं हैं।'
सोनम वांगचुक के अलावा कई राजनेता भी पहुंचे
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए प्रदर्शन में दीपके के साथ बाद में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की एनी राजा और वामपंथी छात्र एवं युवा संगठनों के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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