दिल्ली में सिग्नल फ्री होंगे 3 नेशनल हाईवे, महरौली से गुरुग्राम सिर्फ 15 मिनट में; मंत्री ने लोकसभा में बताया
दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए तीन महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे को सिग्नल फ्री बनाया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग का लोकार्पण बहुत जल्द होने वाला है। मुंबई एक्सप्रेस-वे के जरिए भी दिल्ली में ट्रैफिक जाम काम करने का प्रयास किया जा रहा है।

दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए तीन महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे को सिग्नल फ्री बनाया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग का लोकार्पण बहुत जल्द होने वाला है। मुंबई एक्सप्रेस-वे के जरिए भी दिल्ली में ट्रैफिक जाम काम करने का प्रयास किया जा रहा है।
आश्रम-बदरपुर मार्ग पर तीन बड़े फ्लाई ओवर
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए मंत्रालय ने तीन महत्वपूर्ण मार्गों पर काम शुरू किया है। इन्हें सिग्नल फ्री बनाया जाएगा ताकि कम समय पर यात्री गंतव्य तक पहुंच सके। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न की जवाब में गुरुवार को कहा कि दिल्ली में तीन मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर काम शुरू किया जा रहा है। इनमें आश्रम-बदरपुर को सबसे पहले लिया गया है और इस मार्ग पर तीन बड़े फ्लाई ओवर बनाए जा रहे हैं।
एक घंटे का रास्ता सिर्फ 15 मिनट में
उन्होंने कहा कि इसी तरह से महरौली-गुरुग्राम के लिए भी एक घंटे के रास्ते को 15 मिनट का बनाया जा रहा है। इस पर फ्लाइवोर बनाए जा रहे हैं और ये सभी फ्लाईओवर सिग्नल फ्री होंगे और महज 15 मिनट में लोग अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
पंजाबी बाग से टिपरी बॉर्डर आधे घंटे में
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसी तरह से अत्यंत भीड़भाड़ वाले पंजाबी बाग से टिपरी बॉर्डर तक के लिए पूरे मार्ग को ठीक करने की डीपीआर पर काम चल रहा है। डेढ़ घंटे के रास्ते को सिग्नल फ्री करके तैयार करने पर विचार किया जा रहा है। उनका कहना था कि इस मार्ग पर कुछ फ्लाईओवर बनाकर पूरे मार्ग को आधा घंटे का बनाया जाएगा।
गुरुग्राम-दिल्ली मार्ग पर साढ़े पांच किमी लंबा टनल
उन्होंने कहा कि इसके अलावा गुरुग्राम से दिल्ली आते समय शिव मूर्ति, जो एयरपोर्ट के पास है, उसमें ज्यादा जाम रहता है। इससे होने वाली तकलीफ से लोगों को बचाने के लिए टनल का निर्माण किया जाएगा। यह टनल करीब साढ़े पांच किलोमीटर लंबा होगा। इसमें महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग का लोकार्पण बहुत जल्दी किया जा रहा है और मुंबई एक्सप्रेस-वे के जरिए भी दिल्ली में ट्रैफिक जाम काम करने का प्रयास किया जा रहा है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


