400 रुपए के लिए मौत के घाट उतारा; दिल्ली में नाबालिगों का खौफ, सोशल मीडिया पर वीडियो भी डाला
दिल्ली में नाबालिग लड़के बेखौफ होते जा रहे हैं। महज 400 रुपए के लिए तीन नाबालिग लड़कों ने मिलकर 26 साल के एक युवक को चाकू से कई बार वार करके मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर दिया। पुलिस ने तीनों नाबालिगों को पकड़ लिया है।

दिल्ली में नाबालिग लड़के बेखौफ होते जा रहे हैं। महज 400 रुपए के लिए तीन नाबालिग लड़कों ने मिलकर 26 साल के एक युवक को चाकू से कई बार वार करके मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर दिया। पुलिस ने तीनों नाबालिगों को पकड़ लिया है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार को तीन नाबालिगों को पकड़ा गया है। उन पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में 400 रुपए के विवाद को लेकर 26 साल के एक युवक की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या करने का आरोप है। उन पर घटना का वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का भी आरोप है।
पुलिस ने मृतक की पहचान न्यू मुस्तफाबाद के रहने वाले मोहम्मद कैफ के रूप में की है। उनके परिवार में उनके माता-पिता और दो भाई हैं। उत्तर-पूर्व दिल्ली के डीसीपी आशीष मिश्रा ने बताया कि इस घटना का पता तब चला जब शुक्रवार शाम करीब 4 बजे पुलिस को जग प्रवेश चंद्र अस्पताल से एक कॉल आया, जहां पीड़ित को मृत घोषित कर दिया गया था।
अधिकारी ने बताया कि तीनों नाबालिगों ने 25 फुटा रोड पर एक दुकान के पास पीड़ित को चाकू मारा। अधिकारी ने आगे बताया कि उसी दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें तीनों आरोपी नाबालिग पीड़ित को घेरकर उस पर कई बार चाकू से वार करते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो के साथ एक कैप्शन भी था जो हाल ही में रिलीज हुई एक फिल्म से प्रेरित था। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान स्वतंत्र रूप से इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
डीसीपी ने बताया कि शुक्रवार को हत्या का एक मामला दर्ज किया गया। लगभग 16 साल के आरोपी नाबालिगों को पकड़ लिया गया। तीनों न्यू मुस्तफाबाद में ही रहते थे। डीसीपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान नाबालिगों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि पीड़ित ने उनसे 400 रुपए उधार लिए थे, जिन्हें वह वापस नहीं कर रहा था। अधिकारी ने आगे बताया कि अपराध में इस्तेमाल किए गए तीन चाकू बरामद कर लिए गए हैं और मामले की जांच जारी है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


