दिल्ली से कम होंगे झुग्गियों वाले 3 इलाके, खाली करने के लिए अंतिम नोटिस जारी; दिया 6 मार्च तक का समय
नोटिस में कहा गया है कि पुनर्वास और बेदखली के संबंध में इससे पहले 29 अक्टूबर 2025 को भी नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें यहां रहने वाले लोगों को उनके लिए आवंटित फ्लैट के बारे में सूचना दी गई थी और उन्हें पुनर्वास की सुविधा के लिए मौजूदा परिसर खाली करने की सलाह दी गई थी।

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास (रेस कोर्स रोड) के पास स्थित तीन प्रमुख झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टरों में रहने वाले लोगों को परिसर खाली करने के लिए केंद्र सरकार ने अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। इसके लिए इन लोगों को 6 मार्च तक का समय दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर निर्धारित तिथि तक जगह खाली नहीं की जाती है तो कानून के तहत कार्रवाई करते हुए लोगों को वहां से हटाया जाएगा और अवैध ढांचों को हटाया जाएगा। हालांकि खास बात यह है कि यहां से हटाए जाने के बाद भी ये लोग बेघर नहीं होंगे, क्योंकि सरकार ने इन लोगों को यह नोटिस पुनर्वास योजना के तहत स्थाई फ्लैट आवंटित करने के बाद दिया है। इलाके के निवासियों को दिल्ली के सावदा घेवरा इलाके में कुल 717 फ्लैट पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं।
यह नोटिस रेस कोर्स रोड के पास स्थित बीआर कैंप, मस्जिद कैंप और DID कैंप झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को दिया गया है और इसके जरिए उन्हें बस्तियां खाली करने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र ने इन तीनों क्लस्टर में रहने वाले सभी परिवारों को घर आवंटित कर दिए हैं।
यह नोटिस आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के अधीन भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) की तरफ से जारी किए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि जेजे क्लस्टर सरकारी भूमि पर स्थित हैं और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की नीति के अनुसार निवासियों के पुनर्वास के मकसद से पात्रता निर्धारित करने के लिए जनवरी 2024 में दिल्ली विकास प्राधिकरण के समन्वय से एक संयुक्त सर्वेक्षण किया गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि इस सर्वेक्षण के बाद इन तीन क्लस्टरों में रहने वाले सभी पात्र परिवारों की सूची को मंजूरी दी गई और उन्हें उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सावदा घेवरा में स्थित DUSIB कॉलोनी में 717 फ्लैट आवंटित करते हुए वैकल्पिक आवास दिए गए।
नोटिस में कहा गया है कि पुनर्वास और बेदखली के संबंध में इससे पहले 29 अक्टूबर 2025 को भी नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें यहां रहने वाले लोगों को उनके लिए आवंटित फ्लैट के बारे में सूचना दी गई थी और उन्हें पुनर्वास की सुविधा के लिए मौजूदा परिसर खाली करने की सलाह दी गई थी।
इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई थी, जिसने 13 नवंबर 2025 को अपने आदेश में नियमानुसार उचित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद अब प्रशासन ने इस बारे में आखिरी नोटिस जारी करते हुए स्थानीय निवासियों को 6 मार्च तक परिसर खाली करने के लिए कहा है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि तक आदेश का पालन नहीं करने पर कानूनी प्रावधानों के तहत बेदखली की कार्रवाई की जाएगी और अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा।
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