यह अपराध नहीं; पीएम मोदी को गंदी गालियां देने वाली रुचिका के बचाव में CJP
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द का इस्तेमाल करने वाली रुचिका सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। रुचिका सिंह के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी रुचिका के बचाव में आ गई है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द का इस्तेमाल करने वाली रुचिका सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। रुचिका सिंह के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी रुचिका के बचाव में आ गई है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया रुचिका का समर्थन करते हुए कहा कि यह अपराध नहीं है। इस दौरान सौरव ने देश के सांसदों के खिलाफ दर्ज मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलिस को अपनी ऊर्जा वहां लगानी चाहिए। आइए जानते हैं सीजेपी ने रुचिका के बचाव में और क्या-क्या कहा है।
'युवाओं को परेशान करना बंद होना चाहिए'
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि रुचिका सिंह के खिलाफ अपराधिक कंत्र का इस्तेमाल करना गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह किसी भी मामले में अपराधिक केस नहीं बनता है। सौरव ने कहा कि लोकसभा में बैठे 50 प्रतिशत से ज्यादा सांसदों आपराधिक केस दर्ज हैं, जिनमें से लगभग 100 सांसद बीजेपी के हैं। सौरव ने कहा कि पुलिस को अपनी ऊर्जा उनपर लगानी चाहिए, ना कि 25 साल की लड़की पर। सौरव ने कहा कि युवाओं को परेशान करना तुरंत बंद होना चाहिए।
नोएडा की रहने वाली रुचिका के खिलाफ मामला दर्ज करने को लेकर सौरव दास ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान अपशब्दों का इस्तेमाल करने के लिए उनकी निंदा की जा सकती है, लेकिन पुलिस द्वारा उनको निशाना बनाना और परेशान करने के लिए आपराधिक प्रणाली का इस्तेमाल करना गलत है। सौरव ने सवालिया लहजे में कहा कि इस देश में अपशब्दों का इस्तेमाल करना कब से अपराध हो गया है? सौरव का कहना है कि लोग अपने रोजमर्रा की जिंदगी में अक्सर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
सांसदों को लेकर क्या बोले सौरव
नोएडा की रुचिका पर एफआईआर को लेकर बात करते हुए सौरव ने कहा कि लोकसभा में 50 प्रतिशत सांसदों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें रेप, हत्या, डकैती जैसे गंभीर अपराध भी शामिल हैं, फिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है। सौरव ने कहा कि युवाओं को गाली देने के लिए उन्हें अलग-थलग करके आप एक मिसाल बनाना चाहते हैं, जो पूरी तरह से गलत है। सौरव ने कहा कि आप युवाओं को परेशान करना बंद करें और उस लड़की को छोड़ दें। सौरव ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस की ताकत का इस्तेमाल करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।


