
फरहान की फिल्म के खिलाफ सड़क पर उतरा यह समाज,नाम का किया विरोध;दी रिलीज रोकने की धमकी
लगभग 19 किलोमीटर लंबा यह मार्च दिल्ली-जयपुर हाईवे से होते हुए शाम लगभग 4 बजे दिल्ली-गुड़गांव बॉर्डर पर सरहौल टोल टैक्स पर पहुंचा। इस दौरान पैदल लोगों के साथ-साथ गाड़ी और ट्रैक्टर लेकर भी लोग इस मार्च में शामिल हुए।
फरहान अख्तर की अपकमिंग फिल्म '120 बहादुर' विवादों में आ गई है। यह फिल्म भारत और चीन के बीच 1962 में हुए युद्ध के विषय पर बनी है। फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अहीर समुदाय के सैकड़ों लोगों ने रविवार को गुरुग्राम में राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर पैदल मार्च निकाला और रास्ता रोकते हुए अपना विरोध जताया। अहीर समुदाय इस फिल्म का नाम बदलकर '120 बहादुर' की जगह '120 वीर अहीर' करने की मांग कर रहा है। फिल्म का नाम नहीं बदले जाने पर समाज के लोगों ने फिल्म को रिलीज नहीं होने देने की धमकी भी दी है। रविवार को हुए इस विरोध-प्रदर्शन NH-48 पर एक किलोमीटर से ज़्यादा लंबा जाम लग गया।

अपने विरोध को लेकर एक बयान जारी करते हुए संयुक्त अहीर रेजिमेंट मोर्चा ने बताया कि, 'विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी खेड़की दौला टोल प्लाजा से दिल्ली सीमा तक पैदल चले। उनकी मांग है कि 1962 के भारत-चीन युद्ध पर आधारित इस फिल्म का नाम बदलकर '120 वीर अहीर' कर दिया जाए।'
मोर्चा ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगले महीने रिलीज होने वाली इस फिल्म में 13वीं कुमाऊं रेजिमेंट के 120 अहीर सैनिकों के बलिदान को पर्याप्त रूप से नहीं दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि ये वही सैनिक थे जिन्होंने 1962 के युद्ध में चीन की PLA (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) के खिलाफ युद्ध लड़ते हुए उनसे लद्दाख के रेजांग ला के रणनीतिक पर्वतीय दर्रे की रक्षा की थी।

इस बारे में जानकारी देते हुए अहीर मोर्चा के सदस्य और वकील सूबे सिंह यादव ने कहा, 'फिल्म का नाम बदला जाना चाहिए, अन्यथा हम हरियाणा और जहां भी हमारा समुदाय रहता है, वहां इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे।' आगे उन्होंने कहा, 'अगर फिल्म का नाम बदलकर '120 वीर अहीर' नहीं किया गया, तो हम राज्य में फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलेंगे।'
अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने बताया कि इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाने के लिए मसौदा तैयार किया जा रहा है। रेजांग-ला के युद्ध में भारतीय सेना के 120 सैनिकों ने लगभग 3 हजार चीनी सैनिकों को मार गिराया था। ये सभी 120 सैनिक अहीर (यादव) समाज से थे।
विरोध प्रदर्शन की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ‘यह विरोध यात्रा सुबह लगभग 11:30 बजे अहीर रेजिमेंट धरना स्थल से शुरू हुई थी। लगभग 19 किलोमीटर लंबी यह यात्रा दिल्ली-जयपुर हाईवे से होते हुए शाम लगभग 4 बजे दिल्ली-गुड़गांव बॉर्डर पर सरहौल टोल टैक्स पर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। इस यात्रा के दौरान पैदल लोगों के साथ-साथ गाड़ी और ट्रैक्टर लेकर भी लोग इस यात्रा में शामिल हुए।’
बता दें कि फिल्म '120 बहादुर' 13 कुमाऊं रेजिमेंट के 120 भारतीय सैनिकों के असाधारण साहस को बताएगी, जिन्होंने 1962 के युद्ध के दौरान रेजांग ला की लड़ाई लड़ी थी। फिल्म में फरहान अख्तर ने मेजर शैतान सिंह भाटी, पीवीसी की भूमिका निभाई है, जिन्होंने अपने जवानों के साथ मिलकर भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे निर्णायक लड़ाइयों में से एक लड़ते हुए, हर मुश्किल का सामना किया था। इस फिल्म को रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर (एक्सेल एंटरटेनमेंट), और अमित चंद्रा (ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़) ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। फिल्म 120 बहादुर 21 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।





