रामजन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों को इस्तीफा दे देना चाहिए, आचार्य प्रमोद कृष्णम का बड़ा बयान
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि भगवान राम के मंदिर से चोरी करने वालों को न इस लोक में जगह मिलेगी, न परलोक में। उन्होंने रामजन्मभूमि ट्रस्ट पदाधिकारियों से जांच पूरी होने तक इस्तीफे की मांग भी की।

राम मंदिर चढ़ावा में हुई कथित चोरी के विवाद में ताजा अपडेट यह है कि पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। सभी आरोपियों को हिरासत में भी ले लिया गया है। अब तक चले आ रहे घटनाक्रम पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा-भगवान राम के मंदिर से चोरी करने का अपराध है, चोर को न इस लोक में जगह मिलेगी, न परलोक में जगह मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने जांच होने तक श्री राम ट्रस्ट के पदाधिकारियों से अपने पद से त्यागपत्र दे देने की बात कही है।
न इस लोक में जगह मिलेगी, न परलोक में...
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एएनआई से बात करते हुए कहा- “चोर कितना भी शातिर हो, लेकिन एक दिन पकड़ा जाता है। पाप का घड़ा जब भर जाता है, तो फूटता है। भगवान राम के मंदिर से चोरी करने का अपराध, न इस लोक में जगह मिलेगी, न परलोक में जगह मिलेगी। लेकिन, जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, उसके लिए मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जी का आभार प्रकट करना चाहता हूं।”
रामजन्म भूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों को इस्तीफा दे देना चाहिए
ये चोरी करोड़ों लोगों की आस्था पर चोट है। इसलिए इसमें जिसका भी हाथ है, इन लोगों को जिसका भी सरंक्षण प्राप्त है, वो कितना भी बड़ा हो, बचना नहीं चाहिए। मैं एक निवेदन करना चाहता हूं कि ये आस्था, श्रद्धा और विश्वास का मामला है। कानून अपना फैसला करता रहेगा, लेकिन एक विश्वास को बनाए रखने के लिए लोगों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए श्री रामजन्म भूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पद छोटा है, श्रद्धा बड़ी है। पद छोटा है, सनातन बड़ा है।
चढ़ावा चोरी मामले में 8 के खिलाफ FIR दर्ज, चंपत राय का नाम नहीं
आपको बताते चलें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई। SIT जांच के बीच ट्रस्ट ने खुद रिपोर्ट लिखवाई है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर दर्ज FIR में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम नहीं है। हालांकि, उनके सहयोगी टिन्नू यादव का नाम शामिल है।
SIT जांच रिपोर्ट में चंपत राय समेत 17 नाम थे, सूत्र
सूत्रों के मुताबिक सीसीटीवी में चोरी करते दिखे लोगों और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इससे पहले सूत्रों ने दावा किया था कि SIT ने जांच रिपोर्ट में चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना था। इनके खिलाफ एफआईआर तय मानी जा रही थी। आप सांसद संजय सिंह गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ में एसआईटी अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के ऑफिस पहुंचे। 12 मिनट की मुलाकात में उन्होंने जमीन घोटाले से जुड़े दस्तावेज सौंपे।


