ग्रीन बेल्ट शहर के फेफड़े हैं, कूड़ाघर नहीं; ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को अतिक्रमण के लिए लगी फटकार

नई दिल्ली, पीटीआई
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को फटकार लगाई है। ग्रीन बेल्ट को शहरी इलाकों के फेफड़े बताया गया है। इसमें कहा गया है कि पब्लिक ट्रस्ट के सिद्धांत के तहत उनकी सख्ती से रक्षा की जानी चाहिए। 

Greater Noida City

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी को तय ग्रीन बेल्ट से तुरंत अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। नोएडा अथॉरिटी को फटकार लगाते हुए कहा- ‘शहरी इलाकों के फेफड़े’ यानी ग्रीन बेल्ट की रक्षा की जानी चाहिए।

NGT के चेयरपर्सन प्रकाश श्रीवास्तव, और एक्सपर्ट सदस्य ए सेंथिल वेल, सुधीर कुमार चतुर्वेदी और सुजीत कुमार बाजपेयी की बेंच एक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ग्रेटर नोएडा में ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण और उनके गलत इस्तेमाल को उजागर किया गया था।

28 अक्टूबर के एक आदेश में, ट्रिब्यूनल ने ग्रीन बेल्ट को "शहरी इलाकों के फेफड़े" बताया और कहा कि पब्लिक ट्रस्ट के सिद्धांत के तहत उनकी "सख्ती से रक्षा" की जानी चाहिए। इसने ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GNIDA) को सभी ग्रीन बेल्ट की मरम्मत और रखरखाव करने का भी निर्देश दिया। इसके साथ ही साथ उन्हें अस्थायी और स्थायी निर्माण के लिए इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी।

NGT ने कहा, शहरी ग्रीन बेल्ट को अतिक्रमण या कचरा जमा करने के लिए कुर्बान नहीं किया जा सकता। इसने सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि खुली जगहें और पार्क सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी हैं।

राजस्व अधिकारियों को तीन महीने के भीतर एक तय ग्रीन बेल्ट की सीमा तय करने का निर्देश देते हुए, ट्रिब्यूनल ने GNIDA से सीमा तय होने के बाद उस इलाके की बाड़ लगाने को कहा। NGT ने GNIDA को सभी ग्रीन बेल्ट की मरम्मत और रखरखाव करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि उनकी हरियाली विकसित और सुरक्षित रहे।

Ratan Gupta

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रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

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