काम की बात: अब इस जंक्शन से चला करेगी बरेली-नई दिल्ली इंटरसिटी; उत्तराखंड के यात्रियों को भी फायदा
बरेली-नई दिल्ली-बरेली इंटरसिटी एक्सप्रेस के रूट में विस्तार किया गया है। इससे न सिर्फ एटा, बदायूं और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को लाभ मिलेगा बल्कि मुरादाबाद होकर उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा।

बरेली-नई दिल्ली-बरेली इंटरसिटी एक्सप्रेस के रूट में विस्तार किया गया है। इससे न सिर्फ एटा, बदायूं और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को लाभ मिलेगा बल्कि मुरादाबाद होकर उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा।
रेल मंत्रालय ने 14315/14316 बरेली-नई दिल्ली-बरेली इंटरसिटी एक्सप्रेस का मार्ग विस्तार कर इसे शीघ्र ही कासगंज जंक्शन तक चलाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा ने रविवार को बताया कि ट्रेन के कासगंज तक विस्तार से एटा, बदायूं और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बरेली होते हुए रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़, गाजियाबाद, साहिबाबाद, आनंद विहार और नई दिल्ली तक बेहतर रेल सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुरादाबाद मार्ग से उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा। साथ ही क्षेत्र के कृषि और वन उत्पादों की बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है। छात्रों को शिक्षा केंद्रों तक पहुंचने में सुविधा होगी तथा सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को गति मिलेगी।
संजीव शर्मा ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को बदायूं स्टेशन पर आयोजित समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा विशेष ट्रेन 05303 को हरी झंडी दिखाकर नई दिल्ली के लिए रवाना करेंगे। यह विशेष ट्रेन दोपहर 12:00 बजे बदायूं से रवाना होकर बरेली जंक्शन, भिटौरा, नगरिया सादात, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, गजरौला, गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़, पिलखुवा, गाजियाबाद, साहिबाबाद, आनंद विहार, तिलक ब्रिज और शिवाजी ब्रिज होते हुए रात 8:00 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।
विशेष ट्रेन में कुल 14 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें एसएलआरडी के 2 कोच, सामान्य द्वितीय श्रेणी के 4 कोच, आरक्षित द्वितीय श्रेणी कुर्सियान के 7 कोच तथा वातानुकूलित कुर्सियान का 1 कोच शामिल होगा। उद्घाटन के बाद यही विशेष गाड़ी नियमित रूप से मार्ग विस्तारित 14315/14316 इंटरसिटी एक्सप्रेस के रूप में कासगंज जंक्शन से संचालित की जाएगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


