वह बहुत दयालु थीं, उनका जाना बहुत बड़ा सदमा; DU की असिस्टेंट प्रोफेसर का शव मिलने के बाद स्टूडेंट्स ने किया उन्हें याद
देबोस्मिता पॉल के यूं अचानक चले जाने पर शिवाजी कॉलेज ने शुक्रवार को एक शोक संदेश जारी किया, जिसमें उनके निधन को उनके परिवार, एकेडमिक कम्युनिटी और कॉलेज परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया, साथ ही कहा कि दुख की इस घड़ी में हम उनके परिवार और चाहने वालों के साथ खड़े हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय की एक असिस्टेंट प्रोफेसर की उनके घर में हुई हत्या के बाद उनके कॉलेज में दुख का माहौल है। शुक्रवार को कॉलेज में शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने टीचर को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके साथी प्रोफेसरों और स्टूडेंट्स ने इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी जताई है और कॉलेज से एक बेहतरीन शिक्षक के चले जाने पर दुख जताया। उन्हें याद करते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल वीरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि वह एक समर्पित टीचर थीं और अपने ढाई साल के कार्यकाल में ही वह संस्थान का एक अहम हिस्सा बन गई थीं। सभी लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की और इसे कॉलेज के लिए बहुत बड़ा नुकसान बताया।
DU के शिवाजी कॉलेज के इंग्लिश डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित अपने घर पर मृत पाई गईं थीं। उनके सिर पर किसी भारी चीज से मारने का निशान मिला था, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में हत्या का मामला दर्ज किया है।
'वह कॉलेज परिवार का हिस्सा बन चुकी थीं'
इस घटना पर दुख जताते हुए शिवाजी कॉलेज के प्रिंसिपल वीरेंद्र भारद्वाज ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि, 'वह हमारे कॉलेज में लगभग ढाई साल से पढ़ा रही थीं और कॉलेज परिवार का हिस्सा बन चुकी थीं। गुरुवार को कॉलेज के सदस्यों ने कुछ रूटीन काम के सिलसिले में उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन जब उनसे संपर्क नहीं हो पाया, तो मैंने भी उन्हें फोन करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।'
मृतक की तारीफ करते हुए प्राचार्य ने कहा, 'वह बहुत संवेदनशील और मेहनती महिला थीं और उन्हें कलाक्षेत्र में बहुत ज्यादा रुचि थी।' भारद्वाज ने कहा, 'हालांकि वह अंतर्मुखी थीं, लेकिन सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर हमेशा बहुत उत्साहित रहती थीं और अक्सर हमारे स्टूडेंट्स के साथ उन जगहों पर जाती थीं, जहां पर वे हिस्सा लेने के लिए जाते थे।' उन्होंने बताया कि शिवाजी कॉलेज में आने से पहले पॉल महाराजा अग्रसेन कॉलेज में पढ़ाया करती थीं।
भारद्वाज ने कहा कि 'कॉलेज के लोगों को उनके साथ ही घटना के बारे में दोपहर बाद 3 से 4 बजे के बीच पता चला जब उनकी मौत की खबर फैलने लगी। यह हम सभी के लिए एक बड़ा सदमा था।' मृत प्रोफेसर को याद करते हुए प्रिंसिपल ने कहा कि 'वह कभी तनाव में नहीं दिखीं और उन्होंने अपने साथियों के बीच भी कभी कोई ऐसी बात नहीं बताई, कि जिससे किसी अनहोनी का अहसास हो।' प्रिंसिपल ने बताया कि आमतौर पर किसी प्रोफेसर के निधन पर कॉलेज में छुट्टी कर दी जाती है, लेकिन 'चूंकि परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए कॉलेज को खुला रखना पड़ा।'
उधर उन्हें याद करते हुए एक छात्र ने कहा कि 'उनके साथ हुई घटना बेहद चौंकाने वाली है। क्योंकि हम उन्हें हमेशा से एक बहुत दयालु इंसान के रूप में जानते थे। ऐसे में किसी को उनसे कोई परेशानी नहीं थी और सभी छात्र उनका बहुत सम्मान करते थे।' हालांकि इस छात्र ने पीटीआई को अपना नाम बताने से इनकार कर दिया। एक अन्य छात्र ने इस खबर को कॉलेज के लिए 'बहुत बड़ा सदमा' बताया और कहा कि कई छात्र इस दुखद खबर पर आसानी से भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब 2:35 बजे न्यू अशोक नगर पुलिस स्टेशन में एक महिला का PCR कॉल आया। जिसमें उसने बताया था कि उसकी बहन देबोस्मिता पॉल की हत्या कर दी गई है और उसका शव वसुंधरा एन्क्लेव के सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में पड़ा है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपी की पहचान करने व उसे पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं।
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