अमेरिका, श्रीलंका, यूक्रेन में रहे राजदूत..., दिल्ली के नए LG तरनजीत सिंह संधू का डिप्लोमैटिक सफर
तीन दशक से अधिक समय तक भारतीय विदेश सेवा में काम कर चुके संधू का डिप्लोमैटिक सफर अमेरिका, श्रीलंका, जर्मनी और यूक्रेन जैसे कई अहम देशों से होकर गुजरा है।

भारत की कूटनीतिक दुनिया के अनुभवी चेहरों में गिने जाने वाले तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली के नए उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ग्रहण की है। पदभार संभालते ही उनके लंबे डिप्लोमैटिक करियर की चर्चा तेज हो गई है। तीन दशक से अधिक समय तक भारतीय विदेश सेवा में काम कर चुके संधू का डिप्लोमैटिक सफर अमेरिका, श्रीलंका, जर्मनी और यूक्रेन जैसे कई अहम देशों से होकर गुजरा है।
JNU से पढ़कर सोवियत संघ से शुरू किया करियर
23 जनवरी 1963 को जन्मे संधू ने सेंट स्टीफन कॉलेज से इतिहास में ग्रेजुएशन और जवाहर लाल नेहरू विश्विद्यालय से इंटरनेशनल रिलेशन में मास्टर डिग्री हासिल की। संधू का डिप्लोमैटिक करियर सोवियत संघ के दौर में शुरू हुआ था। 1990 से 1992 तक उन्होंने रूस में भारतीय मिशन में काम किया। सोवियत संघ के टूटने के बाद उन्हें यूक्रेन भेजा गया, जहां उन्होंने कीव स्थित नए भारतीय दूतावास की स्थापना में भूमिका निभाई।
अमेरिकी मामलों के हैं एक्सपर्ट
संधू को खास तौर पर अमेरिका मामलों का एक्सपर्ट माना जाता है। वे दो बार वाशिंगटन डीसी में भारतीय मिशन में तैनात रह चुके हैं। जुलाई 2013 से जनवरी 2017 तक वे वॉशिंगटन स्थित इंडिनय एंबेसी में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन रहे। इससे पहले 1997 से 2000 के बीच वे एंबेसी में फर्स्ट सेक्रेटरी (पॉलिटिकल) रहे और उनकी जिम्मेदारी अमेरिकी कांग्रेस के साथ तय किए गए कामों से जुड़ी थी।
श्रीलंका, न्यूयॉर्क, यूरोप में भी दे चुके सेवाएं
उनका अनुभव केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। वे संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में न्यू यॉर्क में भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा जनवरी 2017 से जनवरी 2020 तक वे श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त रहे। इससे पहले भी वे कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग में डिप्लोमैटिक विंग के प्रमुख के रूप में सेवा दे चुके हैं।
यूरोप में भी उनका अनुभव रहा है। सितंबर 2011 से जुलाई 2013 के बीच वे फ्रैंकफर्ट में भारत के महावाणिज्यदूत रहे। वहीं विदेश मंत्रालय में उन्होंने संयुक्त सचिव (संयुक्त राष्ट्र) और संयुक्त सचिव (प्रशासन) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया।
कूटनीति में लंबे अनुभव के साथ अब वे दिल्ली प्रशासन की कमान संभालेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि उनके अंतरराष्ट्रीय अनुभव और प्रशासनिक समझ का लाभ राजधानी के शासन में भी देखने को मिल सकता है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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