
मुस्लिम दुश्मनी पर उतारू, ताकत के बल पर कुचलना चाहते हैं, दिल्ली में बुलडोजर से भड़के शहाबुद्दीन रजवी
दिल्ली में तुर्कमान गेट और फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुलडोजर ऐक्शन पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि हुकूमत मुस्लिम दुश्मनी पर उतारू है और ताकत के बल पर कुचलना चाहते हैं।
दिल्ली में तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुलडोजर ऐक्शन पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का बयान सामने आया है। इस बुलडोजर ऐक्शन के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की टीम पर पथराव हुआ था। जिसमें कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच उपद्रवियों को अरेस्ट किया है। अतिक्रमण के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर मौलाना रजवी ने भड़कते हुए कहा कि इससे साफ है कि हुकूमत मुस्लिम दुश्मनी पर उतारू है और ताकत के बल पर कुचलना चाहते हैं।
मौलाना रजवी ने कहा कि यदि मस्जिद के आसपास किसी तरह का अतिक्रमण है, तो प्रशासन को कार्रवाई से पहले मस्जिद प्रबंधन से बातचीत करनी चाहिए थी। इस तरह की कार्रवाइयों से आम जनता का सरकार पर भरोसा कमजोर होता है।
ताकत के बल पर कुचलना चाहते हैंः रजवी
मौलाना रजवी ने कहा कि दिल्ली हुकूमत ने अतिक्रमण के नाम पर मस्जिद पर बुलडोजर चलाया। हम इसकी निंदा करते हैं। जहां भी मस्जिद या मदरसा है, इस पर बुलडोजर चलाना मकसद है कि हुकूमत मुस्लिम दुश्मनी पर उतारू है। आरोप लगाया कि दिल्ली में कई मस्जिदों पर बुलडोजर चलाया है और अभी ताजा घटना भी ऐसी हुई है। अगर अतिक्रमण था तो मस्जिद प्रबंधन से बात करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ताकत के बल पर कुचलना चाहती है।
मुसलमानों से शांति बनाए रखने की अपील
उन्होंने दिल्ली के मुसलमानों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी हाल में पत्थरबाज़ी या उग्र प्रदर्शन का रास्ता नहीं अपनाया जाना चाहिए। मौलाना ने कहा कि अगर किसी को आपत्ति है, तो उसे अदालत का दरवाजा खटखटाकर कानूनी तरीके से अपना पक्ष रखना चाहिए।
घटना के बारे में
पुलिस उपायुक्त (मध्य) निधिन वलसन के अनुसार, एमसीडी का छह और सात जनवरी की दरमियानी रात को अतिक्रमण अभियान संचालित करने का कार्यक्रम था, जिसके मद्देनजर पुलिस कर्मियों को उन स्थानों पर तैनात किया गया था लेकिन एमसीडी का साजो सामान पहुंचने से पहले ही वहां लगभग 100-150 लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने बताया कि समझाने-बुझाने के बाद अधिकतर लोग वहां से हट गए लेकिन कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की और पथराव किया जिसमें पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं और उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई।
डीसीपी ने कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने बताया कि चिकित्सा रिपोर्ट और बयानों के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी, साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित एक ‘बैंक्वेट हॉल’ और एक औषधालय को अभियान के दौरान ध्वस्त किया जा रहा था। इन्हें अदालत ने अतिक्रमण घोषित किया था। पुलिस ने बताया कि यह जमीन एमसीडी की है और उसने प्रस्तावित विध्वंस के बारे में पुलिस को पहले ही सूचित कर दिया था और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल की तैनाती की मांग की थी।

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