आते ही वांगचुक वाला ऐक्शन; दिल्ली के नए CP ने पुलिस को दे दिया है साफ संदेश
दिल्ली पुलिस आयुक्त का पदभार संभालने के 24 घंटे के भीतर अनुराग कुमार की निगरानी में पहली बड़ी कार्रवाई की गई। 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया। आयुक्त ने कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

दिल्ली पुलिस ने अपने नए आयुक्त अनुराग कुमार के पदभार संभालने के 24 घंटे की भीतर शनिवार को जंतर-मंतर पर बड़ी कार्रवाई की। भारतीय पुलिस सेवा के 1994 बैच के एजीएमयूटी कैडर के अधिकारी अनुराग कुमार ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त का पदभार संभाला था। एजीएमयूटी का मतलब अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश से है।
एक दिन पहले संभाला था पदभार
दिल्ली पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की सलाह पर वांगचुक को आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसे दिल्ली पुलिस आयुक्त का पदभार संभालने के महज एक दिन बाद अनुराग कुमार द्वारा लिया गया पहला बड़ा निर्णय माना जा सकता है। शनिवार तड़के चलाये गए इस अभियान के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति रही। अधिकारियों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने संयम बरता और वांगचुक को उपचार के लिए सुरक्षित रूप से सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता
एक सूत्र ने बताया कि अनुराग कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सूत्र ने बताया कि पुलिस आयुक्त ने सभी जिला और यूनिट प्रमुखों को निर्देश दिया है कि शहर के किसी भी हिस्से में कानून-व्यवस्था भंग नहीं होनी चाहिए। अनुराग कुमार पहले खुफिया ब्यूरो (आईबी) में विशेष निदेशक रह चुके हैं। उन्हें इस एजेंसी में लगभग दो दशक का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने कश्मीर, वीआईपी सुरक्षा और वामपंथी उग्रवाद से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने वाशिंगटन स्थित भारतीय मिशन में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें पुलिस पदक (मेधावी सेवा) तथा राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा) से सम्मानित किया जा चुका है। अनुराग कुमार ने सतीश गोलछा की जगह ली है, जो अगस्त 2025 से दिल्ली पुलिस आयुक्त के पद पर थे।
28 जून से भूख हड़ताल पर हैं वांगचुक
सोनम वांगचुक नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में किये जा रहे प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, हड़ताल के दौरान उनका वजन लगभग 9.5 किलोग्राम कम हो गया और उनके ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शूगर के स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
डॉक्टरों की सलाह पर अस्पताल ले जाया गया
दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा कि डॉक्टरों की सलाह और हाई कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में वांगचुक को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन समाप्त करने और प्रदर्शन स्थल खाली करने की अपील की। पुलिस कार्रवाई के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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