ताहिर हुसैन अंकित शर्मा का मर्डर कर रहा था, तो केजरीवाल और संजय सिंह के संपर्क में क्यों था? भाजपा
BJP on Ankit Sharma murder case: दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को दोषी ठहराए जाने के बाद भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला।

BJP on Ankit Sharma murder case: दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्या मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को दोषी करार दिए जाने के बाद सियासत तेज हो गई है। दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने फैसले के बाद आम आदमी पार्टी, अरविंद केजरीवाल और सांसद संजय सिंह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि 2020 के दिल्ली दंगे सुनियोजित साजिश का हिस्सा थे। इनमें हिंदुओं के नरसंहार और पलायन की साजिश रची गई थी। इसके साथ ही आरोप लगाया कि आप ने ताहिर हुसैन को बचाने की कोशिश की।
‘छह साल से यही कह रहे थे, आज अदालत ने मुहर लगा दी’
कपिल मिश्रा ने कहा कि ताहिर हुसैन को आज आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का दोषी पाया गया है। उन्होंने कहा, "हम पिछले छह साल से यही कह रहे हैं कि 2020 में दिल्ली में हुए दंगे सुनियोजित तरीके से हिंदुओं का नरसंहार करने की साजिश थे। सड़कों को बंद कर लोगों को घेरकर मारने और उन्हें पलायन के लिए मजबूर करने की योजना बनाई गई थी।"
उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले से यह साबित हो गया कि ताहिर हुसैन अपराधी है। कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि अंकित शर्मा एक बेगुनाह आईबी अधिकारी थे, जिनकी हत्या कर शव नाले में फेंक दिया गया था।
ताहिर केजरीवाल और संजय सिंह के संपर्क में क्यों था…
भाजपा नेता ने कहा, "सबसे बड़ा सवाल यह है कि ताहिर हुसैन कौन था? आम आदमी पार्टी के लोग उसे बचाने की कोशिश क्यों कर रहे थे? जब ताहिर हुसैन अंकित शर्मा का मर्डर कर रहा था, तब वह अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह के संपर्क में क्यों था? वह उमर खालिद के भी लगातार संपर्क में था।"
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जो लोग आज खुद को सनातनी बताने की कोशिश कर रहे हैं और सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं, वही लोग सत्ता में रहते हुए दिल्ली दंगों के दौरान बेगुनाह लोगों की हत्या की साजिश में शामिल लोगों को बचाने का प्रयास कर रहे थे।
ताहिर हुसैन सहित 5 दोषी, 6 को अदालत ने किया बरी
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन, अनस, कासिम, नाजिम और जावेद को दोषी करार दिया। अदालत ने ताहिर हुसैन को हत्या, दंगा, वैमनस्य फैलाने, हमला और आपराधिक बल प्रयोग सहित कई आरोपों में दोषी माना। वहीं, छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। सजा पर सुनवाई अलग से होगी।
जानिए आखिर अंकित शर्मा की मौत कैसे हुई थी?
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में सुरक्षा सहायक के पद पर तैनात अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 को दफ्तर से घर लौटे थे। कुछ देर बाद वह दोबारा बाहर निकले, लेकिन वापस नहीं आए। परिवार ने तलाश शुरू की तो बाद में चांद बाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले से उनका शव बरामद हुआ। अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार शर्मा ने अपनी शिकायत में तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने इसी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की और बाद में आरोपपत्र दाखिल किया। अब इसी मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है।
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Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
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रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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