नूंह के तब्लीगी जलसा में उमड़ा जनसैलाब, 10 लाख लोग पहुंचने का दावा, ट्रैफिक सिस्टम हुआ फेल- PHOTOS
नूंह जिले के अड़बर गांव में तीन दिवसीय तब्लीगी जलसा सोमवार सुबह सम्पन्न हो गया। सुबह करीब आठ बजे निजामुद्दीन मरकज के मौलाना साद ने दुनिया में अमन और भाईचारे के लिए दुआ करवाई। दुनिया से जुल्म को खत्म करने के लिए दुआ की गई।

नूंह जिले के अड़बर गांव में तीन दिवसीय तब्लीगी जलसा सोमवार सुबह सम्पन्न हो गया। सुबह करीब आठ बजे निजामुद्दीन मरकज के मौलाना साद ने दुनिया में अमन और भाईचारे के लिए दुआ करवाई। दुनिया से जुल्म को खत्म करने के लिए दुआ की गई। जलसा में करीब दस लाख लोग पहुंचे। हर तरफ लोग ही लोग नजर आ रहे थे।
दुआ करवाते वक्त मौलाना का गला भर आया
दरअसल, तीन दिन उलेमाओं की तकरीर के बाद आखिरी में दुआ करवाने का निजाम है। इसी कड़ी में सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे मौलाना साद ने हजारों-लाखों लोगों की मौजूदगी में दुआ करवाई। दुआ के दौरान माहौल पूरी तरह शांत और भावुक हो गए। मौलाना की आवाज कई बार भर आई, जिसे सुनकर लोगों की आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने इंसानियत की भलाई, समाज में शांति और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की। लोगों ने हाथ उठाकर पूरी श्रद्धा के साथ दुआ में हिस्सा लिया। पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल बना रहा और लोग दुआ के बाद एक-दूसरे से गले मिलते नजर आए।
नमाज और तालीम पर विशेष जोर
मौलाना साद ने अपने बयान में नमाज और तालीम को जीवन का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि पांच वक्त की नमाज इंसान को अनुशासन और सच्चाई की राह पर रखती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छी तालीम दें और उन्हें गलत रास्तों से दूर रखें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई से ही समाज आगे बढ़ेगा और नई पीढ़ी मजबूत बनेगी। साथ ही उन्होंने मुसलमानों से अपने व्यवहार को सुधारने और समाज के लिए अच्छा उदाहरण बनने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि दीन और दुनिया दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है।
अमन और इंसानियत का संदेश
दुआ के दौरान पूरी दुनिया में अमन और शांति के लिए विशेष दुआ की गई। मौलाना ने कहा कि दुनिया में बढ़ती नफरत और लड़ाई इंसानियत के लिए खतरा है। उन्होंने जुल्म करने वालों को सही रास्ता दिखाने और पीड़ित लोगों को राहत देने की दुआ की। किसी देश या विवाद का नाम नहीं लिया गया, लेकिन अमेरिका-ईरान युद्ध के रूप में वैश्विक हालात को ध्यान में रखते हुए शांति का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि इंसान को इंसान का दर्द समझना चाहिए और हर हाल में भाईचारे को बनाए रखना चाहिए। यह संदेश लोगों के दिलों तक पहुंचता नजर आया।
जनसैलाब से बदला इलाका
जलसे में इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे कि पूरा इलाका जनसैलाब में बदल गया। आयोजकों के अनुसार करीब दस लाख लोगों ने इसमें भाग लिया। पंडाल के अलावा आसपास के गांवों और सड़कों पर भी लोगों की भीड़ नजर आई। दूर-दराज से आए लोग कई दिनों तक यहां ठहरे रहे। हर तरफ लोगों का जमावड़ा और चहल-पहल बनी रही। इतने बड़े स्तर पर लोगों का एक साथ जुटना अपने आप में खास रहा। भीड़ के बावजूद लोगों में अनुशासन देखने को मिला और सभी कार्यक्रमों में शांति बनी रही।
नेशनल हाईवे पर लम्बा जैम
जलसे के समापन के बाद जैसे ही लोग एक साथ लौटने लगे, जिले की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई। नेशनल हाईवे और आसपास की सड़कों पर लंबा जाम लग गया। कई जगह चार-चार घंटे तक वाहन फंसे रहे। लोग अपनी गाड़ियों में बैठे-बैठे परेशान होते नजर आए। कुछ लोगों ने गाड़ियां छोड़कर पैदल निकलना बेहतर समझा। तेज धूप और भीड़ के कारण हालात और कठिन हो गए। छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही।
मोबाइल नेटवर्क हुआ ठप
भीड़ के कारण मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हो गया। लाखों लोगों के एक साथ मौजूद रहने से फोन कॉल और इंटरनेट सेवाएं लगभग बंद हो गईं। लोग अपने परिवार और साथियों से संपर्क नहीं कर सके। इससे कई जगह अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाहर से आए लोगों को रास्ते की जानकारी भी नहीं मिल पा रही थी। नेटवर्क ठप होने से प्रशासन के लिए भी सूचनाएं पहुंचाना मुश्किल हो गया। लोगों ने इस समस्या को बड़ी परेशानी बताया और भविष्य में बेहतर इंतजाम की मांग की।
सौ एकड़ में किया गया जलसा
इस जलसे का आयोजन करीब सौ एकड़ क्षेत्र में किया गया था। मुख्य पंडाल करीब पच्चीस एकड़ में बनाया गया था। लोगों के ठहरने, वजू और शौचालय की व्यवस्था की गई थी। अलग-अलग स्थानों पर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। प्रशासन और पुलिस की टीमें भी लगातार ड्यूटी पर लगी रहीं। दुआ में प्रशासन के लिए भी भलाई की प्रार्थना की गई। हालांकि इतनी बड़ी भीड़ के कारण कुछ जगहों पर व्यवस्था पर दबाव भी नजर आया, लेकिन फिर भी आयोजन को सफल माना गया।
भाईचारे की अनोखी मिसाल
इस जलसे में गंगा-जमुनी तहजीब की सुंदर झलक देखने को मिली। अलग-अलग धर्म और समाज के लोगों ने इसमें सहयोग किया। सिख समाज के लोग पंजाब से सेवा के लिए पहुंचे और उन्होंने लोगों की मदद की। वहीं हिंदू समाज के लोगों ने भी भोजन और फल वितरित कर सेवा की। कई जगह मुफ्त खाने के स्टाल लगाए गए। लोगों ने बिना भेदभाव के एक-दूसरे की मदद की। यह नजारा सामाजिक एकता का मजबूत संदेश देता नजर आया। लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की और इसे समाज के लिए सकारात्मक उदाहरण बताया।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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