स्वाइन फ्लू के संक्रमण किन्हें सबसे ज्यादा खतरा; पहनें मास्क, क्या बोला ICMR?
दिल्ली समेत अन्य राज्यों में स्वाइन फ्लू बढ़ते मामलों के बीच ICMR ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि H1N1 का नया स्ट्रेन नहीं आया है। मौजूदा वैक्सीन इस पर कारगर है।

दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर के सूत्रों ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि एच1एन1 का कोई नया स्वरूप सामने नहीं आया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को खास सावधानियां बरतनी चाहिए क्योंकि इनके लिए जोखिम ज्यादा हो सकता है।
कोई नया स्ट्रेन नहीं, कारगर है वैक्सीन
ICMR के सूत्रों ने कहा कि H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है। अभी जो इन्फ्लूएंजा स्ट्रेन फैल रहा है उसके लिए सुझाई वैक्सीन कारगर है। मौजूदा स्ट्रेन टीके में शामिल स्वरूप से अच्छी तरह से मेल खाते हैं। H1N1 सहित मौसमी इन्फ्लूएंजा आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। इसके आम लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। अधिकांश संक्रमित लोग सही देखभाल से ठीक हो जाते हैं।
इस वायरस जैसा है मौजूदा स्ट्रेन
हालांकि, सूत्रों ने सचेत किया कि छोटे बच्चों, बुजुर्ग और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे में इन लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। ICMR के सूत्रों ने बताया कि देश में फैल रहा इन्फ्लूएंजा ए (एच1एन1) पीडीएम09 वायरस का संबंध ए/मिसौरी/11/2025 (एच1एन1) पीडीएम09 जैसे वायरस के स्ट्रेन से है। ये वायरस 2025 से ही फैल रहे हैं।
हालात पर पैनी नजर, मास्क पहनने की सलाह
सूत्रों ने कहा कि यदि लक्षण लगातार बने रहते हैं और गंभीर हो जाते हैं तो समय पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हालांकि फैल रहे संक्रमण की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। इस साल दिल्ली में कुल मामलों की संख्या 2300 तक पहुंच गई है। इस बीच दिल्ली सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने, भीड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने और समय पर डॉक्टरी सलाह लेने को कहा गया है।
साबुन से धोते रहें हाथ
दिल्ली सरकार ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को ढकें, साबुन से नियमित रूप से हाथ धोने के साथ ही सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के संपर्क से बचने की सलाह दी गई है। लोगों को आंखों और नाक को छूने से बचने को कहा गया है। लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने को कहा गया है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की भी सलाह दी गई है।


