दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के केस, पर आ गई राहत की एक खबर
दिल्ली में स्वाइन फ्लू के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन इस बीच एक राहत की खबर भी आ गई है। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने दावा किया है फैल रहा स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक नहीं है और टीके भी इस पर काम कर रहे हैं।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में फैल रहे स्वाइन फ्लू के वायरस में मिसौरी स्ट्रेन है। यह स्ट्रेन नया नहीं है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह ज्यादा खतरनाक नहीं है और इस पर टीका कारगर है। इस साल दिल्ली में इन्फ्लुएंजा-ए के 2,300 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें शुक्रवार तक H1N1 के 1,777 से अधिक मामले शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अकेले गुरुवार को H1N1 के 114 मामले सामने आए।
आईसीएमआर सूत्रों ने रविवार को कहा कि अभी फैल रहा H1N1 यानी इन्फ्लुएंजा ए वायरस ए/मिसौरी/ 112025 PDM09 स्ट्रेन से जुड़ा हुआ है। इसका पता पिछले साल अमेरिकी राज्य मिसौरी में लगा था। वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है, इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इस पर इन्फ्लुएंजा का मौजूदा अनुशंसित टीका कारगर है।
वैज्ञानिकों ने कहा कि मौसमी इंफ्लुएंजा जिसमें H1N1 भी शामिल है, ज्यादातर मामलों में यह खुद ब खुद ठीक हो जाता है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द शामिल हैं। बच्चों, बुजुर्गों तथा किसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को इससे खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे मामलों में डाक्टर से सलाह लें। सरकार ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक जनस्वास्थ्य कदम उठाए जा रहे हैं।
भीड़ में जाने से बचने की सलाह
दिल्ली सरकार ने स्वच्छता का पालन करने, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और समय पर डॉक्टरी सलाह लेने की अपील की है। सलाह दी गई है कि खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को ढकें, साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें और श्वसन संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों के निकट संपर्क से बचें। लोगों को आंखों और नाक को छूने से बचने, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की भी सलाह दी गई है।
डॉक्टर से सलाह लेकर दवा लें
परामर्श में कहा गया है कि यदि बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी, शरीर में दर्द या सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सक की सलाह के बिना दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें।
अस्पतालों में तैयारी
स्वास्थ्य विभाग ने पहले कहा था कि दिल्ली इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बिस्तर, डॉक्टर, दवाएं और जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं। विभाग ने बताया कि 35 अस्पतालों को विशेष निगरानी में रखा गया है और दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) तथा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र में दो रेफरल प्रयोगशालाएं निर्धारित की गई हैं।


