काम की बात: सितंबर में चरम पर पहुंच सकता है स्वाइन फ्लू संक्रमण, बचने के लिए क्या करें; कब अस्पताल जाएं

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। रोजाना 100 से ज्यादा नए मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि, अधिकांश मरीजों में बीमारी के लक्षण काफी हल्के हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह मौसमी संक्रमण सितंबर महीने में अपने चरम पर पहुंच सकता है। आइए जानते हैं इससे बचाव के तरीके और डॉक्टरों की सलाह।

swine flu
दिल्ली में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का संक्रमण रफ्तार पकड़ रहा है।

मानसून के इस मौसम में राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का संक्रमण रफ्तार पकड़ रहा है। शहर में रोजाना 100 से अधिक नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिससे इस सीजन में कुल मामलों की संख्या 2260 तक पहुंच गई है। इनमें से 348 मरीज दिल्ली से बाहर के हैं, जो यहां के अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह मौसमी संक्रमण अगले महीने अपने चरम पर पहुंच सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अधिकांश मरीजों में बीमारी के लक्षण काफी हल्के हैं, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।

वायरस के म्यूटेशन पर चल रहा अध्ययन

एम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. ललित धर के अनुसार, हाल के वर्षों में इन्फ्लुएंजा वायरस के तीन मुख्य स्ट्रेन, इन्फ्लुएंजा एके एच1एन1 व एच3एन2 और इन्फ्लुएंजा बी अधिक सक्रिय देखे गए हैं। एच1एन1 पहली बार वर्ष 2009 में महामारी के रूप में फैला था, लेकिन अब यह एक मौसमी फ्लू बन चुका है और उतना आक्रामक नहीं रहा।

चूंकि एच1एन1 एक आरएनए वायरस है, इसलिए यह समय के साथ अपने स्वरूप में हल्का बदलाव करता रहता है। एम्स की वायरोलॉजी लैब (जो आईसीएमआर के इन्फ्लुएंजा सर्विलांस नेटवर्क का हिस्सा है) इस बात का अध्ययन कर रही है कि क्या वायरस में कोई बड़ा म्यूटेशन हुआ है। वहीं, एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. संजय राय ने स्पष्ट किया कि जब तक कोई बहुत बड़ा म्यूटेशन न हो, तब तक इसे नया वायरस नहीं माना जाता।

साल में दो बार फैलता है

विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में इन्फ्लुएंजा का चक्र साल में दो बार सक्रिय होता है। पहला चरण बरसात में जुलाई से शुरू होकर सितंबर में पीक पर पहुंचता है, जिसके बाद अक्टूबर-नवंबर में मामले घटने लगते हैं। दूसरा चरण सर्दियों के दौरान जनवरी से मार्च के बीच संक्रमण दोबारा बढ़ता है।

कमजोर इम्युनिटी वाले लोग लगवाएं नया टीका

डॉ. ललित धर ने बताया कि बुजुर्गों, बच्चों और पहले से अस्थमा, मधुमेह या दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों में यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे उच्च जोखिम वाले मरीजों को इन्फ्लुएंजा का टीका लगवाना चाहिए। डब्ल्यूएचओ ने वर्ष 2026-27 के लिए ट्राइवैलेंट टीके की सलाह दी है। टीका लेते समय यह जरूर जांच लें कि वह वर्तमान वर्ष के लिए स्वीकृत हो। टीका शत-प्रतिशत सुरक्षा भले न दे, लेकिन यह बीमारी की गंभीरता और अस्पताल में भर्ती होने के खतरे को काफी कम कर देता है।

गंभीर व जोखिम वाले मरीजों की हो रही जांच

इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण से पीड़ित हर मरीज की जांच नहीं हो रही है। सिर्फ गंभीर संक्रमण और जोखिम वाले मरीजों की ही स्वाइन फ्लू की जांच की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गो, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, सांस की बीमारी, हृदय रोग इत्यादि बीमारियों से पीड़ित लोगों को बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश व दर्द हो तो जांच कराकर डॉक्टर की सलाह से एंटीवायरल दवा जल्दी शुरू कर देनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने दिशा निर्देश जारी कर लोगों को सलाह दी है कि अनावश्यक भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

कब अस्पताल जाएं

● सांस लेने में गंभीर तकलीफ या सीने में लगातार भारीपन/दर्द।

● होंठों का रंग नीला पड़ना।

● 4-5 दिनों के बाद भी खांसी का लगातार बिगड़ना।

● सुस्ती, अत्यधिक भ्रम या बच्चों में पेशाब कम होना।

● 48 घंटे बाद भी दवाओं से बुखार न उतरना।

बचने के लिए क्या करें

● भीड़भाड़ में मास्क पहनें और बीमार व्यक्तियों के संपर्क से बचें।

● नियमित अंतराल पर हाथ को साबुन से धोएं, आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।

● लक्षण दिखने पर पर्याप्त आराम करें; नारियल पानी, ओआरएस और गर्म सूप लें।

● एनुअल इन्फ्लुएंजा वैक्सीन संक्रमण की गंभीरता, जटिलताओं और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को काफी हद तक कम करती है।

48 घंटे के भीतर दवा लेना सबसे असरदार

सर गंगा राम अस्पताल के चेस्ट मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. बॉबी भालोत्रा ने बताया कि सामान्य मरीजों को केवल लक्षणों के आधार पर दवाएं दी जाती हैं। हालांकि, यदि बुजुर्ग या पुरानी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को तेज बुखार, खांसी, जुकाम, बदन दर्द, सिरदर्द और गले में खराश की शिकायत हो, तो लक्षण सामने आने के शुरुआती 48 घंटे (दो दिन) के भीतर एंटीवायरल दवा शुरू करना बेहद फायदेमंद साबित होता है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News , Faridabad News , Delhi Protest Live और दिल्ली में आज का मौसम सहित पूरे NCR की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करे और पाएं पल-पल की ताज़ा खबर
Hindi Newsएनसीआर Newsसितंबर में चरम पर पहुंच सकता है स्वाइन फ्लू संक्रमण, बचने के लिए क्या करें