सागर धनखड़ हत्या मामले में सुशील कुमार को झटका, नहीं मिली जमानत; क्या बोली अदालत?
दिल्ली की अदालत ने सागर धनखड़ हत्या मामले में ओलंपियन सुशील कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सुशील कुमार पर मई 2021 में संपत्ति विवाद के चलते हत्या और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप हैं।

दिल्ली की एक अदालत ने पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में ओलंपियन सुशील कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सुशील कुमार पर मई 2021 में संपत्ति विवाद के चलते सागर धनखड़ और उनके दोस्तों पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। गंभीर चोटों के कारण सागर धनखड़ की मौत हो गई थी। अदालत ने सुशील कुमार के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और दंगे जैसी गंभीर धाराओं में आरोप तय किए हैं।
क्या बोली अदालत?
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहिणी कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज सुशील कुमार ने ओलंपियन सुशील कुमार पर लगे आरोपों की गंभीरता और इस बात को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी कि पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सुशील की जमानत रद्द कर दी थी। अदालत ने कहा- यह कोर्ट आरोपी सुशील कुमार की जमानत याचिका को मंजूरी देने के मूड में नहीं है। अत: इसे खारिज किया जाता है।
अभी महत्वपूर्ण गवाहों की जिरह बाकी
अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सुशील कुमार की गिरफ्तारी से पहले के बर्ताव और उसकी रिहाई पर समाज पर पड़ने वाले असर पर ध्यान दिया था। इसमें घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी शामिल है, जिसमें आरोपी को जानलेवा हथियारों से घायल लोगों पर हमला करते हुए दिखाया गया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले में अभी कई और अहम गवाहों से जिरह होनी बाकी है। ऐसे में अहम गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
चली गई थी सागर धनखड़ की जान
सुशील कुमार और उनके साथियों पर मई 2021 में संपत्ति विवाद के चलते सागर धनखड़ पर जानलेवा हमला करने का आरोप है, जिसमें सिर की गंभीर चोट के कारण सागर धनखड़ की जान चली गई थी। इस मामले में सुशील को गिरफ्तार किया गया और जुलाई 2023 में उन्हें सर्जरी के लिए छोटी राहत मिली थी। अदालत ने तब सुशील कुमार को घुटने की सर्जरी के लिए एक हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी।
हॉकी स्टिक से हमला
पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने यह माना की सागर धनखड़ को अगवा कर जब स्टेडियम लाया गया, तब कई आरोपियों ने बेसबॉल और हॉकी स्टिक से उन पर बेरहमी से हमला किया। अदालत ने इससे पहले अक्टूबर 2022 में IPC की हत्या, आपराधिक साजिश, धमकी और घातक हथियार से दंगा जैसी धाराओं के तहत सुशील कुमार के खिलाफ आरोप तय किए। इसके अलावा, हथियार अधिनियम की धाराओं के तहत भी आरोप तय किए गए।
(पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के साथ)
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