सूरजकुंड मेला में झूला जोन तीसरे दिन भी रहा बंद, विद्युत विभाग ने काटा बिजली कनेक्शन
फरीदाबाद में सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला में शनिवार को झूला टूटने की घटना के बाद झूला जोन को लगातार तीसरे दिन भी बंद रखा गया है। मेला प्राधिकरण ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए झूला जोन में स्थित खानपान और मनोरंजन के अन्य स्टॉलों को भी खोलने की अनुमति नहीं दी है।

फरीदाबाद में सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला में शनिवार को झूला टूटने की घटना के बाद झूला जोन को लगातार तीसरे दिन भी बंद रखा गया है। मेला प्राधिकरण ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए झूला जोन में स्थित खानपान और मनोरंजन के अन्य स्टॉलों को भी खोलने की अनुमति नहीं दी है।
सावधानी के तौर पर बिजली विभाग ने झूला जोन का बिजली कनेक्शन भी काट दिया है, ताकि किसी तरह की और दुर्घटना न हो। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी सुरक्षा जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक झूला जोन बंद ही रहेगा।
घटना की जांच के लिए दो कमेटी गठित
गौरतलब है कि सूरजकुंड मेला में झूला टूटने के दर्दनाक हादसे में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई थी, जबकि 12 लोग घायल हो गए थे। घायलों में से अधिकतर को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उधर, पुलिस ने मामला दर्ज कर झूला कंपनी के मालिक सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की जांच के लिए दो कमेटी गठित की गई हैं, जिन्होंने जांच शुरू कर दी है।
कार्य दिवस होने के बावजूद मेला के प्रति लोगों का उत्साह बरकरार
सोमवार को सप्ताह का पहला वर्किंग डे होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मेला परिसर गुलजार रहा और मुख्य चौपाल व छोटी चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला लगातार जारी रहा। वर्किंग डे के बावजूद दर्शकों की मौजूदगी ने मेले की लोकप्रियता को एक बार फिर साबित कर दिया।
सुबह के सत्र में विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने लोक नृत्य, लोकगीत और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी। मुख्य चौपाल पर जहां रंग-बिरंगे परिधानों में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया, वहीं छोटी चौपाल पर क्षेत्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों को खासा सराहा गया। पर्यटक तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते नजर आए।
कार्यक्रमों के साथ-साथ शिल्प बाजारों में भी रौनक बनी रही। देश-विदेश से आए शिल्पकारों के स्टॉल पर हस्तशिल्प, ज्वैलरी, कपड़े और सजावटी वस्तुओं की खरीदारी होती रही। फूड कोर्ट में विभिन्न राज्यों के व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए भी लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं।
पर्यटकों का कहना है कि कार्य दिवस होने के बावजूद सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मेले की विविधता उन्हें यहां खींच लाई। मेला प्रशासन के अनुसार आगामी दिनों में भी भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।




