
पुलिस पैट्रोलिंग, टाइम लिमिट व QR कोड; दिवाली 2025 के लिए ग्रीन पटाखों पर क्या है SC का फैसला
संक्षेप: सुप्रीम कोर्ट ने भले ही ग्रीन पटाखों पर लगा बैन हटा दिया है, लेकिन यह साफ कर दिया है कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति 'एक टेस्ट केस के आधार पर' दी गई है। यह अनुमति सख्त प्रवर्तन और पर्यावरण निगरानी के अधीन रहेगी।
दिवाली से एक दिन पहले ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट देखी जा रही है। रविवार को लगातार छठे दिन राजधानी की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। ऐसे में, सुप्रीम कोर्ट ने भले ही ग्रीन पटाखों पर लगा बैन हटा दिया है, लेकिन यह साफ कर दिया है कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति 'एक टेस्ट केस के आधार पर' दी गई है। यह अनुमति सख्त प्रवर्तन और पर्यावरण निगरानी के अधीन रहेगी।

मंगलवार तक 'गंभीर' श्रेणी में भी जा सकता है एक्यूआई
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 268 रहा, जो इससे पहले के दो दिनों 254 और 245 की तुलना में खराब होने का सिलसिला जारी रखे हुए है। वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (AQEWS) के पूर्वानुमान बताते हैं कि मंगलवार तक एक्यूआई 'गंभीर' श्रेणी में भी जा सकत है।
प्रतिकूल मौसम संबंधी कारकों के बीच पटाखे फोड़ने से वायु गुणवत्ता में और गिरावट आने की संभावना है। पूर्वानुमानों के अनुसार अगले कुछ दिनों में एक्यूआई ‘गंभीर’ स्तर को पार कर जाएगा।
राजधानी में वायु गुणवत्ता बिगड़ती जा रही है, ऐसे में यह देखना बाकी है कि आने वाले दिनों में ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति देने संबंधी सुप्रीम कोर्ट का फैसला कैसा रहेगा।
ग्रीन पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट की शर्तें
त्योहार के दौरान दिल्ली-एनसीआर में केवल राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) द्वारा अप्रूव्ड ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति होगी। 'लड़ी' पटाखों की अनुमति नहीं होगी और सभी अप्रूव्ड ग्रीन पटाखों पर क्यूआर कोड होना अनिवार्य है।
पुलिस ने कहा है कि ग्रीन पटाखों के उपयोग के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पैदल गश्त और अनधिकृत बिक्री की निगरानी के माध्यम से सख्ती से लागू किया जाएगा।
पटाखे फोड़ने का समय और तारीखें
सुप्रीम कोर्ट ने 18 से 20 अक्टूबर तक तीन दिनों के लिए ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी है। 19 और 20 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक इन्हें फोड़ने की अनुमति दी गई है।
ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस
अधिकारियों ने शनिवार तक पूरी दिल्ली में तय स्थानों पर नीरी द्वारा अप्रूव्ड ग्रीन पटाखों की खुदरा बिक्री के लिए 168 अस्थायी लाइसेंस जारी किए हैं। दिल्ली पुलिस को अस्थायी बिक्री लाइसेंस के आवेदनों पर दो दिनों के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है ताकि समय पर तैयारी सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने बताया कि दिवाली के बाद, खुदरा विक्रेताओं के पास बचे हुए स्टॉक को वापस करने या सुरक्षित रूप से निपटाने के लिए दो दिन का समय होगा। प्रतिबंध तुरंत लागू कर दिए गए हैं। निर्देशों का अनुपालन न करने वाले पटाखे बेचने वाली दुकानों को बंद कर दिया जाएगा और उनके लाइसेंस सस्पेंड कर दिए जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ग्रीन पटाखों के उपयोग के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पैदल गश्त और अनधिकृत बिक्री की निगरानी के माध्यम से सख्ती से पालन किया जाएगा।
पुलिस गश्त बढ़ेगी
दिल्ली पुलिस सहित कई एजेंसियों की पैट्रोलिंग टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, तय दिनों और समय पर केवल नीरी और पेसो द्वारा अप्रूव्ड क्यूआर कोड वाले ग्रीन पटाखे ही जलाए जाएं। सभी पुलिस थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, खासकर उन इलाकों में जहां नियमों का उल्लंघन हुआ है। स्थानीय पुलिस गश्त बढ़ाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल हो और उन्हें केवल निर्धारित समय पर ही जलाया जाए।
पुलिस ने कहा कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री या इस्तेमाल को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दिनों में आवासीय और बाजार क्षेत्रों में गतिविधियों पर नज़र रखने और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और प्रवर्तन दल तैनात किए जाएँगे।
(पीटीआई इनपुट्स के साथ)





