ट्विशा शर्मा केस में 'पूर्व जज' सास को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा, CJI सूर्यकांत की मीडिया से भी एक अपील

नई दिल्ली, एएनआई
Follow us on Google News
share

ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत इस घटना को दुखद बताया है। उन्होंने कहा कि हम मीडिया से अनुरोध करते हैं कि वे दोस्तों या रिश्तेदारों आदि के बयानों को न लें।  

ट्विशा शर्मा केस में 'पूर्व जज' सास को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा, CJI सूर्यकांत की मीडिया से भी एक अपील

ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत पर स्वतः संज्ञान वाले मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत (सीजेआई) ने सुनवाई के दौरान ट्विशा की मौत को अप्राकृतिक मानते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्विशा शर्मा की मौत मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस पर मध्य प्रदेश सरकार ने बेंच को बताया कि मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हम मीडिया से अनुरोध करते हैं कि वे दोस्तों या रिश्तेदारों आदि के बयानों को न लें। मृतका की सास एक पूर्व जिला जज हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा कहा जा रहा है कि न्यायपालिका ट्रायल में देरी कर रही है।

'अपने दर्द को मीडिया में सुर्खियां बनाने का जरिया न बनाएं'

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने मीडिया और इस मामले के दोनों पक्षों से आग्रह किया कि वे मीडिया को कोई बयान न दें। वो जो भी बात कहना चाहते हैं, उसे मीडिया के बजाय जांच एजेंसी के सामने रखें। अपने दर्द को मीडिया में सुर्खियां बनाने का जरिया न बनाएं। कोर्ट ने आगे कहा कि मीडिया को भी ऐसे लोगों के बयान लेने से बचना चाहिए, जो इस मामले में संभावित गवाह या आरोपी हो सकते हैं। बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की मौत की जांच में कथित संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियागत खामियों के आरोपों पर स्वत: संज्ञान की कार्यवाही शुरू की है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा, “पीड़ित परिवार या दूसरे परिवार के की तरफ से मीडिया में दिए जा रहे बयानों पर मत जाइए। वरना, एक पक्ष कह रहा है कि न्यायपालिका निष्पक्ष सुनवाई नहीं करने दे रही। हमें अपनी जांच एजेंसियों या सीबीआई पर कोई शक नहीं है। यहां एक तरह की कहानी बुनी जा रही है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के जांच होनी चाहिए।”

बेंच ने सुनवाई के दौरान पाया कि इस मामले में दो-तीन पहलू सामने आए हैं, जिनमें सेकेंड पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है।

सास के बयानों से मृतका की छवि खराब हुई : MP सरकार

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बेंच को बताया कि इस मामले के आरोपियों में से एक मृतका की सास एवं रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह मीडिया में आकर ऐसे बयान दे रही हैं, जिनसे मृतका की छवि खराब हो रही है। मेहता ने बेंच को बताया कि इस मामले में 15 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी और उसी दिन सास ने अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, जिसे मंजूर कर लिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच में पुलिस का सहयोग नहीं कर रही हैं।

एफआईआर में हुई देरी पर चिंता जताई

पीड़ित पक्ष की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा ने एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी पर चिंता जताई। लूथरा ने कहा कि जब तक सीबीआई औपचारिक रूप से जांच अपने हाथ में नहीं ले लेती, तब तक कुछ मुद्दों का समाधान जरूरी है। हालांकि, बेंच ने साफ किया कि वह जांच के गुण-दोषों पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी। कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले की जांच करने दीजिए।

12 मई को ससुराल में फंदे से लटकी मिली थी ट्विशा

नोएडा की रहने वाली मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र स्थित घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया है, जबकि ट्विशा के मायकेवालों ने पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। भोपाल पुलिस ने दहेज उत्पीड़न के आरोप में ट्विशा के वकील पति समर्थ सिंह और उनकी सास एवं पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। शनिवार को भोपाल की एक अदालत ने समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि गिरिबाला सिंह ने कहा कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में उनका बयान दर्ज करने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया है।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News , Faridabad News और दिल्ली में आज का मौसम सहित पूरे NCR की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करे और पाएं पल-पल की ताज़ा खबर
Hindi Newsएनसीआर Newsट्विशा शर्मा केस में 'पूर्व जज' सास को लेकर SC ने क्या कहा, मीडिया से भी एक अपील