
शोक की जगह प्रिया कपूर का ध्यान 30 हजार करोड़ की संपत्ति पर था; संजय कपूर की मां
संजय कपूर की मां रानी कपूर ने अपने वकील के माध्यम से चिंता व्यक्त की कि उन्हें बेटे की वसीयत के बारे में कभी सूचित नहीं किया गया। रानी कपूर ने कहा कि वसीयत में उनका कोई उल्लेख नहीं है, जबकि संजय ने यह स्वीकार किया था कि उन्हें सब कुछ मां से मिला था।
दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर के निधन के बाद जारी संपत्ति विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। करिश्मा कपूर के बच्चों के बाद अब संजय की मां ने दूसरी पत्नी प्रिया कपूर पर संगीन आरोप लगाए हैं। संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि प्रिया ने पति की मौत का शोक मनाने के बजाय, उनकी ₹30,000 करोड़ की संपत्ति पर नियंत्रण हासिल करने के लिए हर संभव कदम उठाया। यह मामला संजय कपूर की अभिनेत्री करिश्मा कपूर के साथ हुई शादी से हुए बच्चों की ओर से दायर की गई कानूनी चुनौती से संबंधित है।
मां को नहीं थी वसीयत की जानकारी
संजय कपूर की मां रानी कपूर ने अपने वकील के माध्यम से चिंता व्यक्त की कि उन्हें बेटे की वसीयत के बारे में कभी सूचित नहीं किया गया। रानी कपूर ने कहा कि वसीयत में उनका कोई उल्लेख नहीं है, जबकि संजय ने यह स्वीकार किया था कि उन्हें सब कुछ मां से मिला था। रानी कपूर का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता वैभव गग्गर ने अदालत को बताया कि संजय और प्रिया कपूर के बीच वैवाहिक समस्याएं मई 2023 में शुरू हो गई थीं, जिसके कारण उनके बीच बार-बार झगड़े होते थे।
याचिका में कहा गया है कि यह अत्यधिक असंभव और अविश्वसनीय था कि संजय प्रिया को अपनी व्यक्तिगत संपत्ति का एकमात्र लाभार्थी बनाएंगे। याचिका में यह भी जोड़ा गया कि दिवंगत संजय अपने सभी बच्चों,अपनी मां और कपूर परिवार के अन्य सदस्यों से गहरा बंधन और समान स्नेह करते थे। गग्गर ने आरोप लगाया कि प्रिया कपूर ने शोक मनाने के बजाय संपत्ति पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी और अदालत में प्रस्तुत की गई सूची में संजय कपूर से संबंधित महत्वपूर्ण संपत्ति को छिपाया, जिसमें पेंटिंग और बैंक बैलेंस शामिल हैं।
कम से कम मां को पता होता
अदालत करिश्मा कपूर के बच्चों की दायर एक अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन पर भी विचार कर रही है, जिसमें प्रिया कपूर को उनके पिता की संपत्ति से उन्हें वंचित करने से रोकने की मांग की गई है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने मामले में आगे की दलीलें सुनने के लिए अगली सुनवाई की तारीख 3 दिसंबर तय की है। रानी कपूर के वकील ने यह दलील दी कि कम से कम, यदि संजय कपूर का इरादा अपनी मां को विरासत से बाहर रखने का होता, तो उन्होंने वसीयत में स्पष्ट रूप से इसका उल्लेख किया होता।





