नरसिंहानंद सरस्वती ने फिर दिया विवादित बयान, माहौल बिगड़ने के डर से गाजियाबाद प्रशासन ने भेजा नोटिस
हाल ही में श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर तथा डासना देवी मंदिर के महंत नरसिंहानंद ने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का समर्थन करते हुए दूसरे संप्रदाय को लेकर आपत्तिजनक टिपप्णी की थी।

श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर और गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती (Narsinghanand Saraswati) के एक विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें वह आगामी 17 जून को दूसरे संप्रदाय की धार्मिक पुस्तकें लेकर दिल्ली की जामा मस्जिद पर जाने की बात कह रहे हैं।
इस बयान पर संज्ञान लेते हुए गाजियाबाद पुलिस-प्रशासन ने नरसिंहानंद सरस्वती को नोटिस जारी किया है। नोटिस में प्रशासन ने कहा कि वह कोई ऐसा बयान न दें जिससे दो संप्रदायों के बीच वैमनस्यता पैदा हो।
हाल ही में, भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा आपत्तिजनक बयान देने के बाद कानपुर में दंगा हो गया था। श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर तथा डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद ने नूपुर शर्मा का समर्थन करते हुए दूसरे संप्रदाय को लेकर आपत्तिजनक टिपप्णी की थी।
दो दिन पहले यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। दूसरे संप्रदाय के लोगों ने उनके इस बयान पर भी आपत्ति जताई थी। इस पर यति नरसिंहानंद ने सोमवार को घोषणा की कि वह 17 जून को दूसरे संप्रदाय की धार्मिक पुस्तकें लेकर जामा मस्जिद पर जाएंगे।
यति नरसिंहानंद के इस बयान पर पुलिस-प्रशासन ने संज्ञान लिया। मंगलवार को उन्हें नोटिस भेजकर कहा गया है कि वह कोई ऐसा बयान न दें, जिससे दो समुदायों के बीच वैमनस्यता पैदा हो। साथ ही ऐसा कोई काम न करें जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े। उन्हें ऐसे आयोजन रद्द कर देने चाहिए।
साथ ही ऐसा न करने पर उन्हें विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। वहीं, यति नरसिंहानंद का कहना है कि नोटिस भेजकर पुलिस-प्रशासन उन पर दबाव बनाना चाह रहा है।
गाजियाबाद के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि एसडीएम व मसूरी थाना पुलिस की तरफ से यति नरसिंहानंद गिरी को नोटिस जारी किया गया है कि वह ऐसा कोई वक्तव्य जारी न करें, जिससे दो समुदायों के बीच घृणा और वैमनस्यता की भावना पैदा हो।
लेखक के बारे में
Praveen Sharmaप्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। करीब डेढ़ दशक से हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया का अनुभव भी हासिल कर चुके हैं। एक दशक से भी अधिक लंबा समय वह डिजिटल मीडिया में बिता चुके हैं।
प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी। इसके बाद वह थोड़े समय नेशनल दुनिया अखबार में भी रहे। वहां से निकलकर उन्होंने मार्च 2014 में न्यूज 18 के साथ डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 2018 में वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े।
वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। इन्हें डिजिटल रीडर्स की पसंद और बदलते ट्रेंड्स को समझकर गहराई और सटीकता के साथ खबरें लिखने का अच्छा खासा अनुभव है। वह सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखते हैं। उन्हें राजनीतिक विषयों पर खबरें लिखने और पढ़ने का शौक है।
प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है।
और पढ़ें

