ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRयमुना की सफाई केजरीवाल सरकार की प्राथमिकता, देरी नहीं होगी बर्दाश्त; अफसरों पर क्यों भड़कीं AAP मंत्री

यमुना की सफाई केजरीवाल सरकार की प्राथमिकता, देरी नहीं होगी बर्दाश्त; अफसरों पर क्यों भड़कीं AAP मंत्री

दिल्ली जल मंत्री आतिशी ने गुरुवार को ओखला में निर्माणाधीन अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। काम में देरी को लेकर उन्होंने अफसरों को फटकार लगाई और उनपर कार्रवाई किए जाने की बात कही।

यमुना की सफाई केजरीवाल सरकार की प्राथमिकता, देरी नहीं होगी बर्दाश्त; अफसरों पर क्यों भड़कीं AAP मंत्री
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 01 Dec 2023 05:43 AM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने गुरुवार को ओखला में निर्माणाधीन अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान काम की देरी पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। आतिशी ने कहा कि यमुना के प्रदूषण को कम करने के लिहाज से यह संयंत्र बेहद अहम है। इसमें किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, साल के अंत तक इस योजना को पूरा किया जाए, नहीं तो जिम्मेदार कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने नई समयसीमा को लेकर सोमवार तक प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है। 

आतिशी ने कहा कि यमुना की सफाई केजरीवाल सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए इसके निर्माण में अब एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि तैयार होने के बाद यह एशिया का सबसे पड़ा जल शोधन संयंत्र होगा। यहां रोजाना 564 एमएलजी पानी का शोधन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, इसके निर्माण होने के बाद मध्य और दक्षिणी दिल्ली के अधिकांश हिस्सों के सीवेज का शोधन संयंत्र से होगा। अपशिष्ट जल को शोधित करने के बाद ही इस पानी को यमुना में छोड़ा जाएगा। 

जल मंत्री आतिशी ने कहा कि अत्याधुनिक मशीन के कारण शोधन के बाद इसमें शोधित पानी का बायोलॉजिकल ऑक्सीडेशन डिमांड (बीओडी) स्तर को 10 तक लाया जा सकेगा। इस पानी का प्रयोग बागवानी समेत अन्य ऐसे कामों में भी किया जा सकेगा।

4.8 मेगावाट बिजली का होगा उत्पादन

ओखला के इस निर्माणाधीन अपशिष्ट जल शोधन के जरिए न सिर्फ सीवेज को शोधित करके यमुना को साफ करने में मदद मिलेगी। बल्कि, संयंत्र ग्रीन एनर्जी के जरिए कुल बिजली खपत की आधी खुद ही उत्पादित करेगा। संयंत्र में सीवेज के गाद से निकलने वाले बायो-गैस के जरिए 4.8 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। इस बिजली का प्रयोग संयंत्र को चलाने में किया जाएगा। साथ ही गाद से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को भी चलाया जा सकेगा और इसका इस्तेमाल खाद की तरह भी किया जा सकेगा।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें