अब दिल्ली में आएगी काशी वाली फील, यहां रोज होगी यमुना आरती; डीडीए ने कहां बनाया अद्भुत घाट
दिल्ली में अब रोजाना यमुना आरती होगी। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने वायुदेव घाट का उद्घाटन कर दिया। यह यमुना घाट और निगम बोध घाट के बीच यमुना के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसे डीडीए ने संवारा है।

आपने बहुत से लोगों से बनारस और हरिद्वार में सुबह-शाम होने वाली गंगा आरती के बारे में जरूर सुना होगा। आपका भी मन एक बार इस नजारे को अपनी आंखों में कैद करने का होगा। अगर आपने अबतक गंगा आरती नहीं देखी है तो निराश होने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि दिल्ली में अब रोजाना इसे देखने को आनंद उठा सकते हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार को वासुदेव घाट का उद्घाटन किया और आरती की। यह यमुना घाट और निगम बोध घाट के बीच यमुना के पश्चिमी तट पर स्थित है।
दिखेंगे प्राकृतिक नजारे
इस घाट को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा बनाया गया है। पहले यहां खड़ी ढलान और कचरे की वजह से लोग नहीं आते थे। पिछले साल जुलाई में आई बाढ़ की वजह से यहां 1.5 फुट गहरी गाद जमा हो गई। डीडीए ने तमाम चुनौतियों को स्वीकार करते हुए इसे रिस्टोर किया। यहां नक्काशीदार मंडप, ट्यूलिप, गेंदा और सदाबहार के मौसमी फूलों की क्यारियां लगाईं। इसके अलावा यहां 2,000 से ज्यादा देशी और प्राकृतिक पेड़ और 4,00,000 नदी घास के पौधे लगाए गए हैं।
पीएम ने सुझाया था नाम
145 मीटर के घाट में 150 कारों के लिए पार्किंग की जगह के साथ तीन एंट्री प्वाइंट हैं। यहां नदी तक उतरने के लिए 25 सीढ़ियां बनाई गई हैं। घाट पर 'मां यमुना' की एक प्रतिमा स्थापित की गई है, साथ ही उत्तर प्रदेश के जलेसर से मंगवाई गई 300 किलोग्राम की यूनिक (अनोखी) मेटल बेल भी लगाई गई है, जिसे बजाने पर एक वाइब्रेशन और ध्वनि पैदा होती है। डीडीए के उपाध्यक्ष सुभाशीष पांडा ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाट का नाम सुझाया था।
रोज होगी यमुना आरती
घाट का उद्घाटन करते हुए एलजी सक्सेना ने कहा, 'मुझे विश्वास है कि इस घाट से न केवल यमुना के तटों को अपना पुराना स्वरूप वापस मिलेगा बल्कि लोगों को यहां आकर सुखद अनुभूति भी होगी। यमुना किसी एक धर्म, व्यक्ति या सरकार की नहीं है। यह एक जीवनदायिनी और हम सबकी है।' अधिकारियों ने बताया कि डीडीए ने एक पंजीकृत सोसायटी के साथ एक एमओयू साइन किया है, जो नियमित रूप से घाट पर 'यमुना आरती' का आयोजन करेगी और साइट का रखरखाव भी करेगी।
साइकिल ट्रैक बनाएगा डीडीए
डीडीए ने घाट के चारों ओर 'बारादरी' और 'छतरियां' के साथ पास के कुदेसिया बाग से प्रेरित एक 'चारबाग-शैली' लैंडस्केप बनाने का प्लान बनाया है। डीडीए अधिकारियों ने कहा कि घाट के पास 2.1 मीटर चौड़ा और 1.8 किलोमीटर लंबा पैदल यात्री ट्रैक और 2.8 मीटर चौड़ा और 1.3 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक भी विकसित किया जा रहा है। डीडीए के पास वजीराबाद और पुराने रेलवे ब्रिज के बीच 16 हेक्टेयर के हिस्से पर नदी के किनारे के पुनर्विकास की एक बड़ी परियोजना भी है।



