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Hindi News NCR'वो तो दिल से चाहते हैं कि मैं मर जाऊं', अंतरिम बेल याचिका पर सवाल उठाने से BJP पर बरसे अरविंद केजरीवाल

'वो तो दिल से चाहते हैं कि मैं मर जाऊं', अंतरिम बेल याचिका पर सवाल उठाने से BJP पर बरसे अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने अब सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दाखिल कर अंतरिम जमानत 7 दिन और बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा है कि उनका कीटोन लेवल काफी बढ़ गया है।

'वो तो दिल से चाहते हैं कि मैं मर जाऊं', अंतरिम बेल याचिका पर सवाल उठाने से BJP पर बरसे अरविंद केजरीवाल
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानTue, 28 May 2024 05:34 AM
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दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल की नई अंतरिम जमानत अर्जी पर सियासत शुरू हो गई है। दरअसल, केजरीवाल ने अब सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दाखिल कर अंतरिम जमानत 7 दिन और बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा है कि उनका कीटोन लेवल काफी बढ़ गया है। डॉक्टर ने उन्हें ‘पेट-सीटी स्कैन’ सहित कुछ अन्य जांच कराने को कहा है। हालांकि,  मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर अंतरिम जमानत बढ़ाए जाने की मांग पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं।

मुख्यमंत्री बोले- बिना कारण एक महीने में वजन 7 किलो घटना एक गंभीर समस्या

मेडिकल जांच के लिए अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग को भाजपा द्वारा ‘नाटक’ बताए जाने पर अरविंद केजरीवाल ने चंडीगढ़ में कहा कि 'वो तो दिल से चाहते हैं कि मैं मर जाऊं'। उन्होंने कहा कि मेरा वजन कम हो गया है। अगर किसी का वजन बिना किसी स्पष्ट कारण के एक महीने में सात किलो कम हो जाता है, तो यह एक गंभीर समस्या है। डॉक्टरों ने कई टेस्ट निर्धारित किए हैं। मैंने टेस्ट कराने के लिए केवल एक सप्ताह का समय मांगा है।

2 जून को करना है जेल में सरेंडर

अदालत ने 10 मई को चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत देते हुए उन्हें 2 जून को तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया था। सूत्रों के मुताबिक, अर्जी में कहा गया कि केजरीवाल का वजन 7 किलोग्राम कम हो गया है। अर्जी में कहा गया कि वह 3 जून से शुरू हो रहे कार्य सप्ताह में सभी जरूरी जांच करवाने के बाद 9 जून को वह जेल में सरेंडर कर देंगे।

हिरासत के दौरान सात किलो वजन कम हुआ : जमानत अर्जी में कहा गया कि 21 मार्च से 10 मई तक हिरासत में रहने के दौरान उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ा। इसके लिए जेल अधिकारियों के लापरवाही और संवेदनहीन व्यवहार को जिम्मेदार बताया। जेल में उनका (केजरीवाल) वजन लगभग 7 किलोग्राम कम हो गया। सभी जांच एक क्रम में की जानी हैं, जिसमें पांच-सात दिन लगेंगे। अचानक आई स्वास्थ्य संबंधी इन जटिलताओं के कारण कैंसर का संकेत भी हो सकता है।

‘सीएम की सेहत के संकेत अच्छे नहीं’

दिल्ली सरकार की शिक्षा मंत्री आतिशी ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी अंतरिम जमानत के लिए 7 दिन तक बढ़ाने की अपील की है, क्योंकि जब वे ईडी की न्यायिक हिरासत में थे, तब से उनका वजन सात किलोग्राम कम हो गया है। उनकी जांच करने वाले डॉक्टरों ने बताया है कि वजन का अचानक कम होना उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। आतिशी ने कहा कि यह इसलिए भी चिंता की बात है कि बाहर आने के बाद भी उनका वजन नहीं बढ़ा है। शुरुआती जांच में संकेत मिला है कि उनके कीटोन लेवल बहुत अधिक है। वजन कम होना और कीटोन का बढ़ा स्तर गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है, जिसमें किडनी को नुकसान और कैंसर भी शामिल है।

स्वास्थ्य खराब तो प्रचार क्यों किया : भाजपा

वहीं, केजरीवाल द्वारा अंतरिम जमानत बढ़वाने के लिए स्वास्थ्य का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट जाने पर दिल्ली भाजपा ने सवाल उठाए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान उनका स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक रहा है, लेकिन जब जेल जाने का वक्त आया तो उनका स्वास्थ्य खराब होने लगा है। यदि उन्हें स्वास्थ का इतना ही ध्यान था तो उन्होंने गठबंधन व आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार क्यों किया।