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Kisan Mahapanchayat : फिर सील होंगे बॉर्डर? दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान महापंचायत आज; इन रास्तों पर जाने से बचें

दिल्ली के रामलीला मैदान में आज होने वाली 'किसान महापंचायत' में हिस्सा लेने के लिए देशभर के किसान फिर से दिल्ली आ रहे हैं। किसान एमएसपी पर एक बार फिर आर-पार की लड़ाई के मूड़ में दिख रहे हैं।

Kisan Mahapanchayat : फिर सील होंगे बॉर्डर? दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान महापंचायत आज; इन रास्तों पर जाने से बचें
Praveen Sharmaनई दिल्ली। पीटीआईMon, 20 Mar 2023 08:10 AM
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दिल्ली के रामलीला मैदान में आज होने वाली 'किसान महापंचायत' (Kisan Mahapanchayat) में हिस्सा लेने के लिए देशभर के किसान फिर से दिल्ली आ रहे हैं। किसान एमएसपी पर एक बार फिर आर-पार की लड़ाई के मूड़ में दिख रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक बंदोबस्त किए हैं। साथ ही लोगों से रामलीला मैदान के आसपास न जाने की अपील की है।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले होने वाली इस महापंचायत के जरिए किसान अपनी कई अन्य मांगों के साथ केंद्र सरकार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गांरटी के लिए भी दबाव बनाएंगे। एसकेएम की ओर से रविवार को एक बयान में दावा किया गया कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लाखों किसान 20 मार्च को 'किसान महापंचायत' में भाग लेने के लिए दिल्ली आ रहे हैं।

किसान मोर्चा ने पिछले महीने कहा था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी के लिए दबाव बनाने के लिए 'किसान महापंचायत' आयोजित की जाएगी।

एसकेएम नेता दर्शन पाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "केंद्र की ओर से 9 दिसंबर, 2021 को हमें लिखित में दिए गए आश्वासनों को पूरा किया जाना चाहिए और किसानों के सामने लगातार बढ़ते संकट को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।"

विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ 1 साल से अधिक चला था आंदोलन

एसकेएम ने केंद्र के अब निरस्त किए जा चुके तीन विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से अधिक लंबे आंदोलन का नेतृत्व किया था। आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित किसानों की लंबित मांगों पर विचार करने के सरकारी आश्वासन के बाद दिसंबर 2021 में किसान मोर्चा ने आंदोलन को स्थगित कर दिया था।

किसान मोर्चा ने केंद्र से किसानों की मांगों के विपरीत होने का आरोप लगाते हुए केंद्र द्वारा गठित एमएसपी पर समिति को भंग करने का भी आग्रह किया है। किसानों की मांगों में पेंशन, कर्जमाफी, किसान आंदोलन के दौरान मरने वालों को मुआवजा और बिजली बिल वापस लेना भी शामिल है।

विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त मंच एसकेएम के बयान में कहा गया, "जेपीसी को संदर्भित बिजली संशोधन विधेयक, 2022 को वापस लिया जाना चाहिए। केंद्र ने लिखित आश्वासन दिया था कि एसकेएम के साथ चर्चा के बाद ही संसद में बिल पेश किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद उसने बिल पेश किया।" 

किसान मोर्चा ने कृषि उद्देश्यों के लिए मुफ्त बिजली और ग्रामीण परिवारों के लिए मुफ्त 300 यूनिट की मांग को भी दोहराया।

दिल्ली पुलिस किसान महापंचायत के लिए 2000 जवान करेगी तैनात

दिल्ली पुलिस आज रामलीला मैदान में होने वाली 'किसान महापंचायत' के लिए करीब दो हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात करेगी। पुलिस अधिकारियों ने रविवार को बताया कि कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विस्तृत सुरक्षा तैयारी की गई है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने किसान महापंचायत के लिए विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था की है। हम कार्यक्रम को शांतिपूर्ण संपन्न कराने और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 2000 हजार से अधिक जवानों को तैनात करेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मी भीड़ प्रबंधन के लिए तैनात किए जाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कोई अनाधिकृत व्यक्ति प्रवेश न करे जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो।

इन रास्तों पर जानें से बचें

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि करीब 15 से 20 हजार लोगों के महापंचायत में हिस्सा लेने की संभावना है। लोगों के रविवार रात से ही रामलीला मैदान पहुंचने की संभावना है। ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों और वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे रामलीला मैदान के आसपास खासतौर पर दिल्ली गेट से अजमेरी गेट चौक के बीच जेएलएन मार्ग पर जाने से बचें।

मध्य जिला पुलिस ने रामलीला मैदान के भीतर एवं बाहर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। दिल्ली गेट, तुर्कमान गेट, कमला मार्केट, मिंटो रोड, रंजीत सिंह फ्लाईओवर, अरुणा असफ अली मार्ग आदि के आसपास वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा फिलहाल इन रास्तों पर किसी प्रकार की पाबंदी नहीं लगाई गई है। हालात देखते हुए ट्रैफिक पुलिस यहां पर यातायात के रास्तों में बदलाव कर सकती है।