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अमानतुल्लाह खान के केस में किस बात पर भड़का SC, दिल्ली पुलिस को चेताया

सबसे बड़ी अदालत में मंगलवार को आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान से संबंधित केस की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को फटकार सुननी पड़ी। नाबालिग रिश्तेदारों का नाम होने से सुप्रीम कोर्ट नाराज।

अमानतुल्लाह खान के केस में किस बात पर भड़का SC, दिल्ली पुलिस को चेताया
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 08 May 2024 01:34 PM
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देश की सबसे बड़ी अदालत में मंगलवार को आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान से संबंधित केस की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को फटकार सुननी पड़ी। आप विधायक के खिलाफ हिस्ट्रीशीट में निर्दोष नाबालिग रिश्तेदारों का नाम डालने जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और पुलिस को चेतावनी दी। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने साफ किया कि जब तक सबूत ना हो किसी नाबालिग रिश्तेदार का नाम या ब्योरा दर्ज ना किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने 'आप' विधायक अमानतुल्लाह खान की याचिका का निपटारा करते हुए यह बात कही। खान ने दिल्ली पुलिस के उस फैसले को चुनौती दी है जिसके तहत उन्हें बुरे चरित्र वाले लोगों की सूची में रखा गया है और हिस्ट्रीशीट खोल दी है। केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अमानतुल्लाह खान के खिलाफ हिस्ट्रीशीट में स्कूल जाने वाले कुछ बच्चों का भी ब्योरा है। कोर्ट ने बताया कि उसने 21 मार्च 2024 को कहा था कि हिस्ट्रीशीट में किसी नाबालिग रिश्तेदार का नाम ना हो, जब तक यह साबित ना हो कि उसने किसी दोषी को आश्रय दिया है। कोर्ट ने आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा। 

पीठ ने पुलिस आयुक्त को यह भी निर्देश दिया कि हिस्ट्रीशीट और उनकी सामग्री का ऑडिट करने के लिए संयुक्त आयुक्त स्तर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नामित किया जाए, ताकि गोपनीयता बनाए रखने और ऐसे व्यक्तियों के नाम हटाने की अनिवार्यता सुनिश्चित की जा सके, जो किशोर/बच्चे के मामले की जांच के दौरान निर्दोष पाए जाते हैं और 'हिस्ट्रीशीटर के 'संबंध' की श्रेणी से बाहर किए जाने के हकदार पाए जाते हैं।' शीर्ष अदालत ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनके संशोधित स्थायी आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए और यह आदेश इस (अमानतुल्ला खान) मामले में भी लागू किया जाएगा।

सर्वोच्च अदालत ने 'हिस्ट्रीशीट' के सार्वजनिक इस्तेमाल को वैध ठहराने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को मंगलवार को रद्द कर दिया और 'स्वत: संज्ञान' लेने की अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी नीतियों पर फिर से विचार कर 'हिस्ट्रीशीट' के इस्तेमाल में संशोधन पर विचार करने का निर्देश दिया। बेंच ने दिल्ली वक्फ बोर्ड रिश्वत मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्ला खान के मामले की सुनवाई करते हुए कहा, 'हिस्ट्रीशीट एक आंतरिक पुलिस दस्तावेज है और इसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए।'