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दिल्ली की 4 लोकसभा सीटों पर भाजपा को क्यों बदलना पड़ा चेहरा, ये रहीं 2 बड़ी वजहें

भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के 5 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान किया। बीजेपी ने इन सीटों पर 5 में से 4 नए चेहरों को मैदान में उतारा है। 4 वर्तमान सांसदों के टिकट कटने की 2 बड़ी वजहें मानी जा रही हैं।

दिल्ली की 4 लोकसभा सीटों पर भाजपा को क्यों बदलना पड़ा चेहरा, ये रहीं 2 बड़ी वजहें
Mohammad Azamलाइव हिन्दुस्तान,दिल्लीSun, 03 Mar 2024 09:34 PM
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भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में 195 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया गया। इसमें दिल्ली की 5 सीटों पर भी प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया गया। बीजेपी ने इन 5 में से केवल एक सांसद को रिपीट किया बाकी चार वर्तमान सांसदों का टिकट काट दिया। अभी दिल्ली की दो सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान होना बाकी है। ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी इसमें भी एक सांसद का टिकट काटकर किसी नए चेहरे को मैदान में उतारेगी। आइये जानते हैं कि वो कौन सी वजहें रहीं जो बीजेपी ने वर्तमान सासंदों का टिकट काट दिया।

परवेश वर्मा और रमेश बिधूड़ी का बड़बोलापन
दिल्ली की चार सीटों पर नए चेहरों के नाम के ऐलान के कई कारण माने जा रहे हैं। हालांकि, इनमें से पश्चिमी दिल्ली से वर्तमान सांसद परवेश सिंह वर्मा और दक्षिणी दिल्ली से रमेश बिधूड़ी का टिकट काट दिया है। 'न्यूज 18' के अनुसार, ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा ने इन दोनों सांसदों का टिकट इनके बड़बोलेपन को लेकर संदेश देते हुए काटा है। बता दें कि परवेश सिंह वर्मा अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं, जबकि रमेश बिधूड़ी पिछले दिनों तत्कालीन बसपा सांसद दानिश अली को लेकर दिए बयान के कारण चर्चा में आए थे। इन दोनों की जगह पर भाजपा ने पश्चिमी दिल्ली से कमलजीत सहरावत और दक्षिणी दिल्ली से रामवीर सिंह बिधूड़ी को अपना लोकसभा प्रत्याशी बनाया है।

कांग्रेस-AAP का गठबंधन
2019 में हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा ने दिल्ली की सातों सीटों पर जीत दर्ज की थी। इन चुनावों में बीजेपी को 56 प्रतिशत, कांग्रेस को 22.5 प्रतिशत और आम आदमी पार्टी को 18 प्रतिशत वोट मिले थे। हालांकि, कांग्रेस और 'आप' ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। इस बार दोनों पार्टियां गठबंधन बनाकर लोकसभा चुनाव के मैदान में हैं। ऐसे में 100 प्रतिशत सीटों पर जीत का स्ट्राइक रेट बनाकर रखना भाजपा के लिए चुनौती हो सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि इसे देखते हुए भाजपा ने अपने चार वर्तमान सांसदों का टिकट काटकर नए चेहरों को मौका दिया है। बताया जा रहा है कि ये नए चेहरे बीजेपी के पॉलिटिकल कैल्कुलेशन की वजह से मैदान में हैं।

इन नए चेहरों को मौका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ने बीजेपी के लिए 370 सीटों का लक्ष्य रखा है। ऐसे में लोकसभा की हर सीट अहम है। इसलिए, भाजपा ज्यादातर सीटों पर साफ-सुथरी छवि और नए नामों के साथ जाना चाहती है। इसी के चलते रामवीर सिंह बिधूड़ी (दक्षिणी दिल्ली), प्रवीण खंडेलवाल (चांदनी चौक), कमलजीत सहरावत (पश्चिमी दिल्ली) और बांसुरी स्वराज (नई दिल्ली) को शामिल किया गया है। दिल्ली में पूर्वांचली मतदाताओं के बीच उनके प्रभाव को देखते हुए, केवल मनोज तिवारी उत्तर पूर्वी दिल्ली से दोबारा टिकट दिया गया है।

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