ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCRकौन हैं राव इंद्रजीत सिंह जिन्हें तीसरी बार मोदी कैबिनेट में मिली जगह, कैसा रहा अबतक का सियासी सफर

कौन हैं राव इंद्रजीत सिंह जिन्हें तीसरी बार मोदी कैबिनेट में मिली जगह, कैसा रहा अबतक का सियासी सफर

Rao Indrajit Singh:पीएम मोदी की कैबिनेट में तीसरी बार राव इंद्रजीत सिंह को शामिल किया है। उन्हें दो मंत्रालयों का स्वतंत्र प्रभार, जबकि तीसरे में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया है।

कौन हैं राव इंद्रजीत सिंह जिन्हें तीसरी बार मोदी कैबिनेट में मिली जगह, कैसा रहा अबतक का सियासी सफर
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,गुरुग्रामTue, 11 Jun 2024 07:06 AM
ऐप पर पढ़ें

मोदी की कैबिनेट में लगातार तीसरी बार जगह बनाने वाले सांसद राव इंद्रजीत सिंह को दो मंत्रालयों का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है,जबकि तीसरे में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया है। वह दो मंत्रालयों में बीते पांच सालों से काम देख रहे थे,जबकि इस बार वह इसके अलावा संस्कृति मंत्रालय की भी जिम्मेदारी निभाएंगे। राव इंद्रजीत को इस बार सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ,योजना मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि पिछले कार्यकाल मे उनको सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और निगमित मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारी थी। 

तीसरी पारी में राव इंद्रजीत सिंह ने शपथ लेने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में पूर्व की भांति ही मंत्रालय से जुड़े दायित्वों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करूंगा। साथ ही अपने संसदीय क्षेत्र गुड़गांव के विकास, समृद्धि और खुशहाली के लिए सदैव संकल्पित एवं निरंतर कार्यरत भी रहूंगा। सोमवार को दिनभर राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक और पार्टी के कार्यकर्ताओं मोबाइल फोन पर मंत्रालयों से जुड़ी अपडेट देखते रहे। देर शाम को मंत्रालय मिलने के बाद उनको शुभकामनाएं देने वालों को तांता लगा रहा। समर्थकों को उनसे अब उम्मीदें काफी बढ़ गई है।

जाटूसाना से राजनीतिक वारिस बने थे

इंद्रजीत सिंह ने सियासी पारी का आगाज साल 1977 में जाटूसाना विधानसभा (अब कोसली) से किया था। पिता राव बिरेंद्र सिंह की परंपरागत सीट रही जाटूसाना में बड़े राव ने उन्हें यहां से अपना राजनीतिक वारिस बनाकर चुनाव मैदान में उतारा। यहां की जनता ने बड़े राव के फैसले पर अपनी मुहर लगाते हुए पहले ही चुनाव में राव इंद्रजीत की सियासत में दमदार एंट्री कराई। 1977 में चंडीगढ़ पहुंचने के बाद राव इंद्रजीत सिंह ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। यहां से लगातार चार बार 1977 से 1982, 1982 से 1987 और 1987 से 1991 और फिर 2000 से 2004 तक हरियाणा विधानसभा के सदस्य के तौर पर चंडीगढ़ पहंचे थे।

हरियाणा का कद बढ़ा

एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के लिए बनाए मंत्रिमंडल में हरियाणा को काफी तरजीह दी गई है। प्रदेश से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे पांच में से तीन सांसदों को मंत्री बनाया गया है। इनमें मनोहर लाल को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इनके अलावा राव इंद्रजीत को केंद्रीय राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और कृष्णपाल गुर्जर को केंद्रीय राज्यमंत्री बनाया गया है। गौरतलब है कि मनोहर लाल ने इसी साल मार्च में हरियाणा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया। मनोहर लाल ने करनाल से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

1998 से शुरू हुआ संसद का सफर

बता दें कि महेंद्रगढ़ लोकसभा पर एकछत्र राज करने वाले उनके पिता राव बिरेंद्र सिंह ने 1998 में उन्हें अपनी जगह लोकसभा का प्रत्याशी बनाया था। राव पहले ही चुनाव में जीत हासिल कर संसाद बने थे। देश की 12वीं लोकसभा के सदस्य बने। यहां से उनका देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंचने का सिलसिला आरंभ हुआ। हालांकि, अगले ही चुनाव यानी साल 1999 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। साल 2004 के चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्वंदियों से अपनी हार का बदला चुकता कर लिया। 1998 से 99 तक राव संसद विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर्यावरण और वन संबंधी स्थायी समिति के सदस्य भी रहे। 2004 में वह फिर महेंद्रगढ़ से 14वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित हुए। मई 2004 में उन्हें केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री बनाया गया। 2006 तक वह इस जिम्मेदारी को निभाते रहे।