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हम डीपफेक युग में रह रहे हैं, हर तस्वीर सबूत नहीं; HC ने किस बात पर ऐसा कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पति की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि हम हम डीपफेक युग में रह रहे हैं, हर तस्वीर सबूत नहीं है। कोर्ट ने पति को फैमिली कोर्ट के सामने पुनरीक्षण याचिका दाखिल करने का सुझाव दिया।

हम डीपफेक युग में रह रहे हैं, हर तस्वीर सबूत नहीं; HC ने किस बात पर ऐसा कहा
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 13 Jun 2024 07:06 AM
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दिल्ली हाईकोर्ट ने पति द्वारा पत्नी के खिलाफ प्रस्तुत की गई तस्वीरों को सबूत मानने से इनकार कर दिया। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम इस तथ्य का न्यायिक संज्ञान ले सकते हैं कि हम डीपफेक के युग में रह रहे हैं। याचिकाकर्ता को पारिवारिक न्यायालय के सामने इन तस्वीरों को तथ्यों के माध्यम से सही साबित करना होगा। न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ पति द्वारा गुजारा भत्ता देने के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने पति को पारिवारिक न्यायालय के सामने पुनरीक्षण याचिका दाखिल करने का सुझाव देते हुए याचिका खारिज कर दी ।

परिवार न्यायालय के आदेश को पति ने चुनौती दी 

पति ने पारिवारिक न्यायालय के भरण-पोषण संबंधी निर्णय और आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी। पारिवारिक न्यायालय के निष्कर्षों के अनुसार, पत्नी मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर है। अलग होने के बाद वह अपने माता-पिता के साथ रहती है। पारिवारिक न्यायालय ने पति को निर्देश दिया था कि वह पत्नी और बेटी दोनों के लिए 75 हजार रुपये संचयी भरण-पोषण राशि प्रदान करे। पति का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता प्रतीक गोस्वामी ने अपील के साथ दाखिल कुछ तस्वीरों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पत्नी व्याभिचार में रह रही है।

परिवार न्यायालय में व्याभिचार का आरोप नहीं उठाया

सुनवाई के दौरान समीक्षा में अदालत ने पाया कि व्याभिचार का आरोप पारिवारिक न्यायालय के समक्ष नहीं उठाया गया था। न्यायालय ने कहा कि यदि यह आरोप उठाया भी गया था तो भी पारिवारिक न्यायालय ने इसे नजरअंदाज कर दिया। पति को पारिवारिक न्यायालय के समक्ष समीक्षा याचिका दायर करनी चाहिए थी। व्याभिचार के आरोप के संबंध में न्यायालय ने कहा, यह पहलू हमारे सामने जोरदार तरीके से रखा गया है। निर्णय में दिए गए दायित्व से बचने के लिए हताशा के उपाय के रूप में रखा जा रहा है। निर्णय में इसका कोई उल्लेख नहीं है।

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