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दिल्ली में जल संकट हुआ विकट, बिगड़ रहा घरों का बजट; दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त

राजधानी दिल्ली में जारी जल संकट ने न सिर्फ लोगों के घर का बजट बिगड़ दिया है, बल्कि उनकी दिनचर्या को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है। इन परेशानियों के बीच अब आर्थिक नुकसान भी उन्हें उठाना पड़ रहा है।

दिल्ली में जल संकट हुआ विकट, बिगड़ रहा घरों का बजट; दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानTue, 25 Jun 2024 07:33 AM
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राजधानी दिल्ली में जारी जल संकट ने न सिर्फ लोगों के घर का बजट बिगड़ दिया है, बल्कि उनकी दिनचर्या को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है। इन परेशानियों के बीच अब आर्थिक नुकसान भी उन्हें उठाना पड़ रहा है। लोग पीने के लिए बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं। लोगों के मुताबिक, 1800 से 2000 रुपये तो हर महीने इसी में खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा नहाने, कपड़े धोने और अन्य जरूरतों के लिए पानी का इंतजाम करना भी काफी मुश्किल हो रहा है।

दिल्ली जल बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, इस संकट से पहले दिल्ली में रोजाना 1005 एमजीडी पानी की आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन अब करीब 100 एमजीडी पानी की कमी हो गई है। बुराड़ी, जगतपुरी, चाणक्यपुरी, देवली, संगम विहार, खानपुर, गौतमपुरी, दक्षिणपुरी, मदनपुर खादर, जामिया, अबुल फजल एन्क्लेव, बाटला हाउस, रंगपुरी पहाड़ी, गीता कॉलोनी, विनोद नगर, त्रिलोकपुरी समेत पूर्वी दिल्ली व उत्तर-पूर्वी दिल्ली के क्षेत्रों में पानी का जबर्दस्त संकट है। भीषण गर्मी में पानी की मांग भी 1005 एमजीडी से बढ़कर करीब 1200 एमजीडी तक पहुंच गई है।

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90 रुपये का खर्च रोजाना बढ़ गया

शाहदरा क्षेत्र की हरदेवपुरी कॉलोनी में रहने वाले हरीश शर्मा ने बताया कि कई सालों में पहली बार पानी का ऐसा संकट हुआ है। पीने के लिए 20-20 लीटर की तीन बोतल पानी खरीदना पड़ रहा है। पहले यह बोतल 20 रुपये में मिलती थी, लेकिन जब से पानी की किल्लत हुई तब से इसके दाम भी बढ़ाकर 30 रुपये कर दिए गए हैं। रोजाना 90 रुपये पीने के पानी पर खर्च करने पड़ रहे हैं।

कारोबारी वसूल रहे मुनाफा

कड़कड़डूमा गांव के रहने वाले युवक भगत सिंह ने बताया कि एक महीने से पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि, इस क्षेत्र में गंगनहर के पानी की सप्लाई है और उसमें कटौती नहीं हो रही है, लेकिन इस क्षेत्र का पानी अब दूसरे क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। इसकी वजह से कई साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि दिनभर में पानी की आपूर्ति नहीं हुई। यहां पर तो 35 रुपये में एक बोतल पानी मिल रहा है। कारोबारियों ने पानी की बोतल की कीमत बढ़ाकर मुनाफा वसूली शुरू कर दी है। मजबूरी में महंगा पानी खरीदना पड़ रहा है।

अब तो निजी टैंकर का भरोसा

देवली के दुर्गा विहार निवासी टिंकू ने बताया कि जल बोर्ड की ओर से भेजे जाने वाले टैंकर भी अब रोजाना नहीं आ रहे हैं। इसकी वजह से घर की दिनभर की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राइवेट टैंकर खरीदना पड़ रहा है। एक टैंकर में 4000 लीटर पानी मिलता है। सरकारी टैंकर 200 रुपये में मिलता है, लेकिन प्राइवेट टैंकर 1500 से 2000 रुपये में मिल रहा है। जल बोर्ड की ओर से भेजे जाने वाले टैंकर पर लंबी लाइन लग जाती है और पानी भी पर्याप्त नहीं मिल पाता है।