यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसे रोकने को नई कवायद, तय समय से कम में एक्सप्रेस-वे पार किया तो कटेगा चालान
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। अब यमुना एक्सप्रेस-वे पर टाइम बूथ लगाकर वाहनों की गति पर नजर रखी जाएगी। अगर आप तय समय से कम में...

यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। अब यमुना एक्सप्रेस-वे पर टाइम बूथ लगाकर वाहनों की गति पर नजर रखी जाएगी। अगर आप तय समय से कम में एक्सप्रेस-वे पार करते हैं तो आपका चालान हो जाएगा। अभी अधिकतर चालान टोल टैक्स के बीच की गति सीमा के आधार पर ही होता है।
यमुना प्राधिकरण अब एक्सप्रेसवे के दोनों ओर (ग्रेटर नोएडा और आगरा) जीरो प्वॉइंट पर टाइम बूथ लगाने की तैयारी कर रहा है। टाइम बूथ लगने के बाद यह पता चल जाएगा कि कौन सा वाहन कब एक्सप्रेस-वे पर चढ़ा है। उसके आधार पर चालान होगा।
रफ्तार रोकने की कवायद : नई व्यवस्था के तहत 165 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे को अगर तय समय से कम में पार किया तो आपका चालान किया जाएगा। टाइम बूथ लगने के बाद इसको प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। लोग तय सीमा में सफर करेंगे तो हादसे भी कम होंगे।
क्रैश बीम बैरियर : यमुना एक्सप्रेस-वे डिवाइडर के दोनों और क्रैश बीम बैरियर लगाए जा रहे हैं। गुजरात की कंपनी यह काम काफी तेजी से कर रही है। बैरियर लगने से वाहन हादसे का शिकार होने के बाद दूसरी लेन में नहीं जाएगा। इससे हादसे की भयावहता कम होगी। उन सड़क हादसों में ज्यादा लोग हताहत होते हैं जो वाहन टकराने के बाद दूसरी लेन में जाते हैं।
हादसों में क्षतिग्रस्त वाहन किनारे लगाए जाएंगे
यमुना एक्सप्रेस-वे पर लोगों को जागरूक करने के लिए कई और कदम उठाए जाएंगे। एक्सप्रेस-वे पर जो वाहन हादसे का शिकार होते हैं, उनको एक्सप्रेस-वे के किनारे (स्टैचू की तरह) लगाया जाएगा, ताकि लोग उनको देखकर यह विचार कर सकें कि तेज गति जीवन के लिए कितनी घातक है।
अभी ऐसे होता है जुर्माना
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हल्के वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से सफर कर सकते हैं। बेहतर सड़क होने के चलते लोग यहां पर फर्राटा भरते हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे प्रबंधन दो टोल के बीच की दूरी के आधार पर वाहनों का चालान करता है। यानी आप उस दूरी को तय गति से अधिक रफ्तार से तय करते हैं तो आपका चालान कट जाएगा। यह चालान ऑनलाइन होता है।
''यमुना एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा उपायों के लिए तमाम काम चल रहे हैं। जो भी बेहतर होगा वो काम कराए जाएंगे। अभी डिवाइडर के दोनों और क्रैश बीम बैरियर लगाने का काम चल रहा है।'' -डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
लेखक के बारे में
Praveen Sharmaप्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। करीब डेढ़ दशक से हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया का अनुभव भी हासिल कर चुके हैं। एक दशक से भी अधिक लंबा समय वह डिजिटल मीडिया में बिता चुके हैं।
प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी। इसके बाद वह थोड़े समय नेशनल दुनिया अखबार में भी रहे। वहां से निकलकर उन्होंने मार्च 2014 में न्यूज 18 के साथ डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 2018 में वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े।
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प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है।
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