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टोल पर समस्या से बचना है तो 29 तक फास्टैग का केवाईसी अपडेट कराएं

देश में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जिनकी कार किसी दूसरे नाम पर है और फास्टैग किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर लिया गया है और मोबाइल नंबर से जारी हुआ है। इससे भी परेशानी हो सकती है।

टोल पर समस्या से बचना है तो 29 तक फास्टैग का केवाईसी अपडेट कराएं
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानTue, 27 Feb 2024 05:03 AM
ऐप पर पढ़ें

अगर आपने एक वाहन पर एक से अधिक फास्टैग ले रखें हैं या फिर केवाईसी अपडेट नहीं कराया है तो आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर सफर करते समय समस्या से बचना है तो 29 फरवरी तक केवाईसी अपडेट करा लें। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो आपके फास्टैग को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि इस बार केवाईसी अपडेट कराने की अंतिम तिथि आगे बढ़ाने की संभावना बेहद कम है, क्योंकि बैंक और फास्टैग वॉलेट सुविधा मुहैया कराने वाली कंपनियों से जो डाटा मिला है, उसके मुताबिक 31 जनवरी को केवाईसी अपडेट करने की तिथि को एक महीने के लिए बढ़ाने का फैसला लिया गया था, लेकिन इसके बाद से केवाईसी अपडेट कराने वाले लोगों की संख्या में कमी आई।

हालांकि, 20 से 31 जनवरी के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने केवाईसी अपडेट कराया। अब अंतिम तिथि को आगे बढ़ाए जाने की उम्मीद बहुत कम है। काफी संख्या में लोगों ने एक वाहन पर दो या उससे अधिक फास्टैग ले रखें हैं, जिससे एजेंसियों को कई बार टोल शुल्क काटने में परेशानी होती है।

पूरी जानकारी एक नाम पर हो

नियमों के हिसाब से फास्टैग लेने वाले व्यक्ति का केवाईसी अपडेट होना चाहिए। गाड़ी भी उस व्यक्ति के नाम होनी चाहिए। अभी शुरुआत में यह छूट रहेगी कि गाड़ी भले ही किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर हो, लेकिन जो व्यक्ति फास्टैग जारी करा रहा है, उसका केवाईसी होना जरूरी है।

इन तरीकों को अपनाएं

1. ऑनलाइन

सबसे पहले www.fastag. ihmcl.com पर जाएं, जहां रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ओटीपी की मदद से लॉगइन करें। इसके बाद डैशबोर्ड मेन्यू में माय प्रोफाइल विकल्प खोलें। यहां केवाईसी का स्टेटस चेक करें। अगर केवाईसी पूरी नहीं है तो सब-सेक्शन में जाएं, जहां पर जरूरी जानकारी जैसे आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और फोटो जमा करें। इसके बाद सबमिट ऑप्शन पर क्लिक कर दें।

2. ऐप

आपने जिस भी कंपनी का फास्टैग जारी करा रखा है उसका फास्टैग वॉलेट ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। फिर फास्टैग में दर्ज मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और उसके बाद माय प्रोफाइल में जाएं, जहां केवाईसी पर क्लिक करें। इसके बाद देखें कि क्या आपका केवाईसी अपडेट है। अगर अपडेट नहीं है तो फिर केवाईसी फिल ऑप्शन पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी दें।

3. ऑफलाइन

आप संबंधित बैंक या फिर टोल प्लाजा पर बने हेल्प काउंटर पर जाकर भी केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए आपके पास पंजीकृत मोबाइल नंबर, आधार, पैन और गाड़ी की आरसी होनी चाहिए। 

वाहन और फास्टैग के नामों में अंतर

देश में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जिनकी कार किसी दूसरे नाम पर है और फास्टैग किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर लिया गया है और मोबाइल नंबर से जारी हुआ है। इससे भी परेशानी हो सकती है।

लोग उलझन में फंसे

एनएचएआई के इस फैसले के बाद काफी लोग उलझन में फंसे हैं, क्योंकि कुछ लोगों ने मोबाइल नंबर पर फास्टैग जारी कराया है। खासकर, नए वाहन लेते समय उसका कोई नंबर नहीं होता है। ऐसे में फास्टैग सेवा प्रदाता कंपनियां मोबाइल नंबर पर ही वाहन की श्रेणी के हिसाब से फास्टैग जारी कर देती हैं। यानी कोई ग्राहक कार ले रहा है तो उसे फोर व्हीलर और कोई 10 टायर का ट्रक ले रहा है तो उसे कमर्शियल श्रेणी में फास्टैग जारी होता है।

इसलिए अनिवार्य किया

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को शिकायत मिल रही थी कि एक गाड़ी में एक से अधिक फास्टैग जारी होने से दिक्कत होती है। कई बार टोल प्लाजा पर सिस्टम उस फास्टैग को रीड कर लेता है या फिर गाड़ी की नंबर प्लेट के आधार पर उस फास्टैग को स्कैन करती है, जिसके वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता है। इस पर टोल बैरियर नहीं खुलता है तो फिर कार चालक दूसरे फास्टैग का वॉलेट खोलकर पर्याप्त बैलेंस दिखाते हैं और फास्टैग रीडर में गड़बड़ी का हवाला देकर टोल बैरियर खुलवा देते हैं।

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