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21 नवंबर, 2020|4:56|IST

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योगी सरकार ने नोएडा के निजी अस्पतालों पर कसी नकेल, COVID-19 प्रोटोकॉल के तहत इलाज की निगरानी के लिए बनाई टीम

नोएडा के निजी अस्पतालों में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत इलाज की निगरानी के लिए सरकार ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) दीपक ओहरी ने बताया कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर और जनपद में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।

उन्होंने बताया कि यह कमेटी निजी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के इलाज की गुणवत्ता, उचित इलाज एवं अन्य बिंदुओं को परखेगी तथा शासन को इसकी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट नकारात्मक होने पर निजी कोविड-19 अस्पताल में मरीजों के इलाज की प्रक्रिया में फेरबदल किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि जिले में यथार्थ, फोर्टिस, कैलाश, जेपी, आदि अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों का इलाज चल रहा है। इन अस्पतालों में मरीजों के इलाज की दर निर्धारित है। अस्पताल प्रबंधक प्रोटोकॉल के तहत ही मरीजों का इलाज करने का दावा करते हैं, लेकिन कई बार यह शिकायत आती है कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों का इलाज ठीक तरह से नहीं कर रहे हैं तथा इलाज का खर्च भी ज्यादा ले रहे हैं।

चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस शिकायत के चलते उत्तर प्रदेश शासन ने निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने का निर्णय किया है, तथा शासन स्तर से तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। इस टीम में गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी का प्रतिनिधि, मुख्य चिकित्सा अधिकारी गौतमबुद्ध नगर का प्रतिनिधि तथा मेडिकल कॉलेज का एक प्रतिनिधि शामिल है। 

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उन्होंने बताया कि टीम का मुख्य काम निजी कोविड-19 अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाले इलाज को देखना है। टीम के सदस्य समीक्षा के दौरान प्रत्येक अस्पताल में जाकर मरीजों को मिलने वाले इलाज की स्थिति देखेंगे, मरीजों से पूछेंगे कि इलाज के नाम पर मनमाना बिल तो तैयार नहीं किया जा रहा है। कुछ अस्पतालों में मरीजों को निश्चित समय अवधि गुजरने के बाद भी जबरन भर्ती किए जाने की शिकायतें मिली हैं। उक्त संबंध में भी मरीजों से जानकारी ली जाएगी।

उन्होंने बताया कि कई निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस की आरटी- पीसीआर और रैपिड एंटीजन जांच के लिए ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। वहीं कुछ अस्पतालों में कोरोना की जांच व इलाज के बिल में ज्यादा वसूली की शिकायतें सामने आ रही है और यह कमेटी इसकी भी जांच करेगी।

नोएडा में कोरोना संक्रमितों की संख्या 21,307 के पार

गौतमबुद्ध नगर में शनिवार को कोविड-19 से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सुबह तक संक्रमण के 162 नए मामले सामने आए। एक चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में वायरस से अब तक 75 लोगों की मौत हो चुकी है।

जिला निगरानी अधिकारी डॉक्टर सुनील दोहरे ने बताया कि शनिवार को कोविड-19 के संक्रमण की वजह से जनपद में 72 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। उन्हें इलाज के लिए ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह सेक्टर-56 के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि इस मौत के साथ ही जिले में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। उन्होंने बताया कि शनिवार को सुबह तक गौतमबुद्ध नगर में कोविड-19 संक्रमण के 162 मरीज पाए गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 से संक्रमित 234 मरीज इलाज के बाद ठीक हुए हैं। उन्होंने बताया कि यहां के विभिन्न अस्पतालों में 1,307 मरीजों का इलाज चल रहा है। जिला निगरानी अधिकारी ने बताया कि अब तक जनपद में 19,925 मरीज सफल इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि 21,307 मरीज अब तक जिले में कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। 

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  • Web Title:UP Govt formed team to monitor treatment in Noida s private hospitals under COVID-19 protocol