ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCRग्रेटर नोएडा में हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश, महिलाओं की मदद से यूं बनाते थे शिकार

ग्रेटर नोएडा में हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश, महिलाओं की मदद से यूं बनाते थे शिकार

पुलिस ने दो महिला सदस्यों समेत गैंग के छह लोगों को गिरफ्तार किया है। वे अपने शिकार से मिलते समय अपनी पहचान भी गलत बताते थे। आरोपियों के पास से एक महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किया गया है।

ग्रेटर नोएडा में हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश, महिलाओं की मदद से यूं बनाते थे शिकार
Sourabh JainPTI,ग्रेटर नोएडाWed, 12 Jun 2024 10:46 PM
ऐप पर पढ़ें

ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने बुधवार को हनी ट्रैप में फंसाकर लोगों से पैसे ऐंठने वाली एक गैंग का पर्दाफाश किया है, साथ ही गिरोह में शामिल दो महिलाओं समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि गैंग के सदस्य पीड़ितों को अपनी महिला सदस्यों की मदद से हनी ट्रैप में फंसाते थे और फिर उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने का लालच देकर बुलाते थे। इसके बाद वे पीड़ित को बलात्कार के झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी देते थे, साथ ही धमकाते हुए और मारपीट करते हुए भी पैसै ऐंठते थे। ऐसा ही कुछ उन्होंने मुरादाबाद के एक युवक के साथ भी किया था।

पुलिस ने बताया कि पकड़े गए लोगों की पहचान राज चौधरी, भूपेंद्र सिंह, फैजान अहमद, राहुल कुमार, संजना यादव और रिफा उर्फ ​​रुस्तम के रूप में हुई है। इनमें से राज चौधरी इस गिरोह का सरगना था। ग्रेटर नोएडा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने बताया,'गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को ठगते थे। वे पहले फोन कॉल के जरिए उनसे दोस्ती करते थे और फिर पार्टी करने के बहाने किसी जगह पर बुलाते थे। बाद में वे उन्हें बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों में फंसाने की धमकी देते थे। वे पीड़ितों से अवैध रूप से पैसे ऐंठने के लिए उनके साथ मारपीट भी करते थे।'

पुलिस ने बताया कि मंगलवार को मुरादाबाद के रहने वाले समीर (बदला हुआ नाम) द्वारा स्थानीय बीटा 2 पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद इस रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस प्रवक्ता ने बताया, '10 जून 2024 को आरोपियों ने अपनी महिला सदस्य रिफा के जरिए समीर को बहला-फुसलाकर मिलने के लिए एक जगह पर बुलाया। इसी दौरान समीर अपने एक दोस्त के साथ गिरोह के जाल में फंस गया। रिफा ने अपने साथियों को बताया कि पीड़ित आ गए हैं, जिसके बाद मास्टरमाइंड राज चौधरी ने योजना को आगे बढ़ाया।' 

आगे उन्होंने कहा, 'इसके बाद राज चौधरी अपने साथियों संजना यादव, भूपेंद्र सिंह, फैजान अहमद और राहुल कुमार के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी में उसी जगह पर पहुंचा। फिर वे समीर की कार में सवार हो गए और जबरन कार पर कब्जा कर लिया तथा दोनों दोस्तों को धमकाया।' 

गिरोह ने उन्हें बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हुए उनसे पांच लाख रुपए मांगे। जिसके बाद समीर ने डर के मारे अपनी कार में रखे 50,000 रुपए उन्हें दे भी दिए। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद समीर ने बीटा-2 पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 384 (जबरन वसूली) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की गई।

उन्होंने बताया कि मामले में आधार अधिनियम की धारा 34 (नामांकन के समय प्रतिरूपण) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू करते हुए उन्होंने बुधवार को परी चौक के पास से आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूछताछ के दौरान गिरोह ने 20 दिन पहले नोएडा के सेक्टर-135 में एक फार्महाउस के पास इसी तरह का अपराध करना स्वीकार किया।